UP: लखनऊ में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से लोगों का हाल बेहाल है। ऐसे में ट्रैफिक सिग्नल पर रेड लाइट के दौरान इंतजार करने वाले लोगों के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। अब लोगों को धूप में जलना नहीं पड़ेगा क्योंकि सिग
UP: लखनऊ में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से लोगों का हाल बेहाल है। ऐसे में ट्रैफिक सिग्नल पर रेड लाइट के दौरान इंतजार करने वाले लोगों के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। अब लोगों को धूप में जलना नहीं पड़ेगा क्योंकि सिग्नल पर ग्रीन नेट लगाए गए हैं।
ग्रीन नेट लगाने का क्या है मकसद
लखनऊ में सूरज आग उगल रहा है, जिससे बिना छाते या बिना ढके निकलने पर शरीर तपने लगता है। ट्रैफिक सिग्नल पर जब रेड लाइट होती है, तो लोगों को काफी देर तक धूप में खड़ा रहना पड़ता है। राहगीरों को इस तपिश से बचाने के लिए ग्रीन नेट लगाए गए हैं ताकि उन्हें छाया मिल सके और गर्मी का असर कम हो।
जनता की क्या है प्रतिक्रिया
इस पहल के बाद लोगों ने खुशी जताई है। राहगीरों का कहना है कि इस कदम से उन्हें धूप से काफी राहत मिलेगी। अब रेड सिग्नल पर खड़े होने के दौरान सीधी धूप नहीं लगेगी, जिससे सफर थोड़ा आसान होगा।
यूपी के अन्य शहरों का हाल
धूप से बचाने का यह तरीका केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। इससे पहले गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने भी लंबी रेड लाइट पर चालकों के लिए ग्रीन नेट लगाने का फैसला किया था। इसी तरह आगरा और अलीगढ़ नगर निगम ने भी भीषण गर्मी को देखते हुए रेड लाइट के पास ग्रीन नेट लगवाए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में ट्रैफिक सिग्नल पर ग्रीन नेट क्यों लगाए गए हैं?
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से राहगीरों को राहत देने के लिए ग्रीन नेट लगाए गए हैं, ताकि रेड सिग्नल पर खड़े लोगों को सीधी धूप से बचाया जा सके।
क्या यूपी के अन्य शहरों में भी ऐसी व्यवस्था है?
हाँ, लखनऊ के अलावा आगरा, अलीगढ़ और गौतम बुद्ध नगर जैसे शहरों में भी धूप से बचाव के लिए रेड लाइट के पास ग्रीन नेट लगाने की पहल की गई है।