Lucknow में मॉडिफाइड साइलेंसर बेचने वाली दुकान पर 1 लाख जुर्माना, कई गाड़ियां भी हुईं सीज
Lucknow: लखनऊ में शोर मचाने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर और ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया है। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया, जिसमें नियमों का उल्लं
Lucknow: लखनऊ में शोर मचाने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर और ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया है। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वाली दुकानों और गाड़ियों पर गाज गिरी है। इस कार्रवाई से शहर के वाहन मॉडिफिकेशन मार्केट में हड़कंप मच गया है।
शुक्रवार, 19 जून 2026 को चलाए गए इस अभियान के दौरान लालबाग और कामता चौराहे जैसे इलाकों में सघन चेकिंग की गई। लालबाग इलाके में स्थित ‘Sahni Automobiles’ नाम की दुकान को मॉडिफाइड साइलेंसर बेचने का दोषी पाया गया, जिस पर प्रशासन ने 1 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। इसके अलावा, मौके पर एक मोटरसाइकिल भी पकड़ी गई जिसमें मॉडिफाइड साइलेंसर लगा था, जिसे तुरंत सीज कर लिया गया।
कामता चौराहे पर भी जांच जारी रही, जहां नियमों के खिलाफ जाकर सवारी उतारने और चढ़ाने वाली एक बस और एक कार को पकड़कर थाने में सीज कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में RTO (Enforcement) प्रभात पांडेय, ADCP (Traffic), ACP (Traffic) और ARTO (Enforcement) आलोक यादव जैसे बड़े अधिकारी शामिल रहे।
यह पूरी कार्रवाई मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत की गई है। नियमों के मुताबिक, मॉडिफाइड साइलेंसर, हूटर या मल्टी-टोन हॉर्न बेचना या लगाना अपराध है। सेक्शन 182A(3) के तहत इसके लिए एक साल तक की जेल या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, ऐसी गाड़ियां चलाने वालों पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगता है और शोर प्रदूषण फैलाने पर सेक्शन 190(2) के तहत अलग से 10,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ता है।
प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि अगर शोर 80 डेसिबल से ज्यादा पाया गया, तो 10,000 रुपये जुर्माने के साथ छह महीने की जेल भी हो सकती है। नए निर्देशों के अनुसार, अवैध साउंड डिवाइस इस्तेमाल करने वालों की गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) सस्पेंड किया जा सकता है और ड्राइवर का लाइसेंस तीन महीने के लिए रद्द किया जा सकता है।