Lucknow में बिजली लोड बढ़ाने पर भड़के व्यापारी, चार सूत्री मांग पत्र सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी

Lucknow: राजधानी लखनऊ के व्यापारियों में बिजली विभाग की मनमानी को लेकर भारी गुस्सा है। बिना किसी सूचना के बिजली लोड बढ़ाने और बिलों में अचानक हुई बढ़ोतरी के खिलाफ लखनऊ क्षेत्र व्यापार मंडल ने जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापा

Lucknow: राजधानी लखनऊ के व्यापारियों में बिजली विभाग की मनमानी को लेकर भारी गुस्सा है। बिना किसी सूचना के बिजली लोड बढ़ाने और बिलों में अचानक हुई बढ़ोतरी के खिलाफ लखनऊ क्षेत्र व्यापार मंडल ने जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने बिजली अधिकारियों को चार सूत्री मांग पत्र सौंपा और चेतावनी दी कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो उनका आंदोलन और तेज होगा।

व्यापारियों का आरोप है कि विभाग ने बिना बताए उनका लोड बढ़ा दिया है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कई दुकानदारों ने बताया कि उनके पास 5 किलोवाट का लोड है जिसके लिए थ्री-फेज मीटर चाहिए, लेकिन वे अब भी पुराने सिंगल-फेज मीटर पर ही चल रहे हैं। व्यापार मंडल के अध्यक्ष ऋषभ गुप्ता और महासचिव कनिष्क गुप्ता ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया। व्यापारियों ने यह सवाल भी उठाया कि जब लोड डिजिटल तरीके से बढ़ाया जा सकता है, तो खपत कम होने पर इसे अपने आप कम क्यों नहीं किया जाता।

व्यापारियों ने अपनी मांगों में मुख्य रूप से चार बातें रखी हैं। उन्होंने मांग की कि सभी बाजारों में लगे मीटरों की जांच कर लोड को जरूरत के हिसाब से घटाया या बढ़ाया जाए। साथ ही, गलत तरीके से बढ़ाए गए लोड को कम कर ग्राहकों से वसूले गए अतिरिक्त पैसे वापस किए जाएं। इसके अलावा, 1912 हेल्पलाइन पर 4 घंटे के भीतर शिकायत का समाधान न करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई और सब-सेंटरों पर मैनुअल शिकायत दर्ज करने की पुरानी व्यवस्था को फिर से शुरू करने की मांग की गई है।

दूसरी तरफ, पावर कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर (कमर्शियल) प्रशांत वर्मा का कहना है कि करीब 47 लाख उपभोक्ताओं का लोड यूपीईआरसी के सप्लाई कोड-2005 और टैरिफ ऑर्डर 2025-26 के हिसाब से बढ़ाया गया है। विभाग के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं ने तीन बार अपने स्वीकृत लोड से ज्यादा बिजली इस्तेमाल की, उनका लोड दोबारा तय किया गया। पहले लोड बढ़ाने से पहले सूचना देना जरूरी था, लेकिन अब नियम बदल गया है और लोड बढ़ाने के बाद एसएमएस के जरिए जानकारी दी जाती है।

वहीं, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बिना स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को एक महीने पहले नोटिस देना जरूरी है, जिसका पालन नहीं हुआ। हालांकि, विभाग के मुख्य अभियंता विनोद कुमार आर्य ने बताया कि जिन लोगों को लगता है कि उनका लोड जरूरत से ज्यादा बढ़ गया है, वे ऑनलाइन ऐप या अधिशासी अभियंता को आवेदन देकर जांच के बाद इसे कम करवा सकते हैं।