UP : लखनऊ में तीसरे बड़े मंगल के मौके पर शहर भर में भक्ति का माहौल रहा। इस अवसर पर Vishal Khand-1 समिति की तरफ से एक बहुत बड़े भंडारे का आयोजन किया गया। सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं और राहगीरों की भारी भीड़ जुटी और लोगों
UP : लखनऊ में तीसरे बड़े मंगल के मौके पर शहर भर में भक्ति का माहौल रहा। इस अवसर पर Vishal Khand-1 समिति की तरफ से एक बहुत बड़े भंडारे का आयोजन किया गया। सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं और राहगीरों की भारी भीड़ जुटी और लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
बड़े मंगल 2026 की क्या है खासियत
साल 2026 में अधिक मास होने की वजह से इस बार कुल आठ बड़े मंगल मनाए जा रहे हैं। मई महीने में 5, 12, 19 और 26 तारीख को बड़े मंगल पड़े। 19 मई को मनाए गए तीसरे बड़े मंगल पर शहर के हनुमान मंदिरों में विशेष सजावट की गई और जगह-जगह भजन-कीर्तन और सुंदरकांड का पाठ हुआ।
भंडारे के लिए प्रशासन ने क्या बनाए नियम
लखनऊ प्रशासन और नगर निगम ने इस बार पर्यावरण का खास ख्याल रखा है। भंडारों में प्लास्टिक और थर्माकोल के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। आयोजकों से पत्तल, दोने या स्टील के बर्तनों का उपयोग करने को कहा गया है। कचरे के निपटारे के लिए अलग व्यवस्था की गई है और ‘बर्तन बैंक’ की अवधारणा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कौन-कौन से संगठनों ने निभाई भूमिका
विशाल खंड-1 समिति के अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी सुंदरकांड पाठ और भंडारे का आयोजन किया। मंगलमन अभियान और अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल जैसे संगठनों ने लोगों को प्लास्टिक-मुक्त भंडारे के लिए प्रेरित किया। भीड़ को संभालने और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें तैनात रहीं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
2026 में लखनऊ में कुल कितने बड़े मंगल मनाए जा रहे हैं
अधिक मास की वजह से इस साल कुल आठ बड़े मंगल मनाए जा रहे हैं, जिनमें मई महीने की 5, 12, 19 और 26 तारीख को बड़े मंगल पड़े हैं।
भंडारों के लिए प्रशासन ने क्या गाइडलाइन्स जारी की हैं
प्रशासन ने प्लास्टिक, पॉलीथिन और थर्माकोल के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। आयोजकों को पत्तल और स्टील के बर्तनों का उपयोग करने और सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।