UP: लखनऊ के कैसरबाग स्थित ग्लोब पार्क में थारू कल्याण समिति ने बड़ा प्रदर्शन किया। अलग-अलग जिलों से आए प्रदर्शनकारियों ने फर्जी अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र बनवाने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की है। प्रदर्शनकार
UP: लखनऊ के कैसरबाग स्थित ग्लोब पार्क में थारू कल्याण समिति ने बड़ा प्रदर्शन किया। अलग-अलग जिलों से आए प्रदर्शनकारियों ने फर्जी अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र बनवाने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे थारु और गोंड जैसी वास्तविक जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों को बचाने के लिए सड़कों पर उतरे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने क्या मांगें रखीं?
थारू कल्याण समिति और Original Tribal Welfare Organization Gorakhpur ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कहार, गोदिया, भुज, भरभुजा और धुरिया समुदायों के कुछ लोग अपने नाम के साथ ‘गोंड’ जोड़कर फर्जी ST सर्टिफिकेट बनवा रहे हैं। समिति ने पुलिस कमिश्नर लखनऊ से अनुमति लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि असली जनजातियों का भविष्य सुरक्षित रहे।
UP में फर्जी जाति प्रमाण पत्र का बढ़ता मामला
राज्य में फर्जी प्रमाण पत्रों का मामला पहले भी सामने आया है। हाल ही में लखनऊ के इताउजा नगर पंचायत में जनवरी 2023 से मार्च 2026 के बीच जारी 34 फर्जी ‘धनगर’ SC सर्टिफिकेट रद्द किए जाने की बात सामने आई। जांच में पता चला कि जन सेवा केंद्रों ने फर्जी दस्तावेजों और पार्षद के लेटरहेड का गलत इस्तेमाल कर ये सर्टिफिकेट बनाए थे। इसके अलावा जनवरी 2026 में कुशीनगर में भी थारु और गोंड समुदायों के बीच सर्टिफिकेट को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें ADM ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था।
सरकारी नियम और कार्रवाई का आधार
जाति प्रमाण पत्र और आरक्षण से जुड़े मामले U.P. Public Service (Reservation for Scheduled Castes, Scheduled Tribes and Other Backward Classes) Act-1994 और 2002 के संशोधनों के तहत आते हैं। उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग निदेशालय की वेबसाइट पर इससे जुड़े सभी सरकारी आदेश उपलब्ध हैं। प्रशासन अब इन नियमों के आधार पर फर्जीवाड़े की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
थारू कल्याण समिति का प्रदर्शन लखनऊ में क्यों हुआ?
यह प्रदर्शन फर्जी ST जाति प्रमाण पत्र बनवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हुआ। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुछ लोग गलत तरीके से ST सर्टिफिकेट बनवाकर वास्तविक जनजातियों के अधिकारों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
लखनऊ के इताउजा में फर्जी सर्टिफिकेट का क्या मामला है?
इताउजा नगर पंचायत में 34 फर्जी ‘धनगर’ SC सर्टिफिकेट पाए गए, जिन्हें जन सेवा केंद्रों ने फर्जी दस्तावेजों और पार्षद के लेटरहेड का इस्तेमाल कर जारी किया था। अब इन सर्टिफिकेट्स को रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है।