UP : उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा आयोजित TGT परीक्षा के पहले दिन लखनऊ में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। बायोमेट्रिक और आधार सत्यापन के दौरान चार ऐसे लोग पकड़े गए जो दूसरों की जगह परीक्षा दे रहे थे। प
UP : उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा आयोजित TGT परीक्षा के पहले दिन लखनऊ में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। बायोमेट्रिक और आधार सत्यापन के दौरान चार ऐसे लोग पकड़े गए जो दूसरों की जगह परीक्षा दे रहे थे। पुलिस ने इन चारों सॉल्वरों को गिरफ्तार कर लिया है और अब इस पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
कौन-कौन हुए गिरफ्तार और कहां पकड़े गए
लखनऊ के अलग-अलग केंद्रों पर पकड़े गए आरोपियों और असली उम्मीदवारों की लिस्ट नीचे दी गई है:
| फर्जी परीक्षार्थी (सॉल्वर) |
असली उम्मीदवार |
परीक्षा केंद्र |
थाना |
| राजेश प्रताप सिंह (जौनपुर) |
विजय प्रताप सिंह |
बप्पा श्री नारायण वोकेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज |
हुसैनगंज |
| मनतेश सिंह (आजमगढ़) |
अमरजीत सिंह |
आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज |
महानगर |
| रंग बहादुर (प्रयागराज) |
अवध राज यादव |
डीएवी डिग्री कॉलेज |
नाका हिंडोला |
| राम मनुज (अंबेडकर नगर) |
जितेंद्र सिंह यादव |
विद्यांत हिंदू इंटर कॉलेज |
अमीनाबाद |
कैसे पकड़े गए फर्जी परीक्षार्थी और क्या है कार्रवाई
नगर मजिस्ट्रेट आरके वर्मा के मुताबिक, सत्यापन के दौरान एक उम्मीदवार का व्यवहार संदिग्ध लगा, जिससे इस धोखाधड़ी का पता चला। परीक्षा में बायोमेट्रिक, फिंगरप्रिंट और चेहरे की पहचान (Face Recognition) जैसी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। साथ ही AI-आधारित कंट्रोल रूम से पूरी निगरानी की जा रही थी। संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने बताया कि आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश, 2024 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पूरे प्रदेश में AI निगरानी का असर
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने जानकारी दी कि परीक्षा के पहले दिन 36 जिलों में AI निगरानी की मदद से कुल 11 फर्जी परीक्षार्थियों की पहचान हुई। इनमें से 9 को गिरफ्तार किया जा चुका है और 2 अभी फरार हैं। 4 जून को परीक्षा का दूसरा दिन था, जिसमें 56 केंद्रों पर दो पालियों में पेपर हुए। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन सॉल्वरों को किसने लगाया था और इसके पीछे कौन सा गैंग काम कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
TGT परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों को कैसे पकड़ा गया?
परीक्षा में बायोमेट्रिक सत्यापन, आधार वेरिफिकेशन, फिंगरप्रिंट और चेहरे की पहचान का उपयोग किया गया था। साथ ही AI-आधारित इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से रीयल टाइम निगरानी की जा रही थी।
पकड़े गए आरोपियों पर कौन सी कानूनी धाराएं लगाई गई हैं?
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश, 2024 के तहत मामला दर्ज किया गया है।