Lucknow में शिक्षक अभ्यर्थियों ने मायावती का आवास घेरा, योगी सरकार से न्याय की मांग
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने बड़ा प्रदर्शन किया। इन अभ्यर्थियों ने बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के आवास का घेराव किया और योगी सरकार से अपनी मांगों को प
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने बड़ा प्रदर्शन किया। इन अभ्यर्थियों ने बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के आवास का घेराव किया और योगी सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले कई सालों से अपनी समस्याओं को लेकर सरकार को ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। अभ्यर्थियों ने मायावती से मांग की कि वे दलित और पिछड़े वर्ग के युवाओं को न्याय दिलाने के लिए अपनी आवाज उठाएं। मुख्य रूप से अभ्यर्थी उन 6800 चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं, जिनकी लिस्ट 5 जनवरी को जारी हुई थी लेकिन अब तक उन्हें जॉइनिंग नहीं मिली है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे धनंजय गुप्ता ने बेसिक शिक्षा विभाग पर आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे के आंकड़े सही नहीं हैं। अभ्यर्थियों के मुताबिक, विभाग ने 4,946 ऐसे पदों को दर्शाया है जिन पर चयनित लोग नियुक्ति के लिए नहीं आए, जबकि इन पदों को रिक्त मानकर मेरिट लिस्ट में नीचे आने वाले अभ्यर्थियों को मौका दिया जाना चाहिए।
| वर्ग | रिक्त पदों की संख्या (हलफनामे के अनुसार) |
|---|---|
| सामान्य वर्ग | 1,144 |
| ओबीसी (OBC) | 2,524 |
| अनुसूचित जाति (SC) | 1,244 |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | 34 |
शनिवार को बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थियों ने भी मायावती से मिलने की मांग करते हुए नारेबाजी की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बसों के जरिए इको गार्डन भेज दिया। इस घटना से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को भी इन अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर प्रदर्शन किया था।
वहीं, मायावती ने अलग से पेपर लीक के मामलों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि नीट-यूजी जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक होना गंभीर मुद्दा है। उनके अनुसार, केवल कार्रवाई करना काफी नहीं है, बल्कि सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे पेपर लीक की घटनाएं पूरी तरह रुक सकें।