Lucknow में अभ्यर्थियों का हल्लाबोल, मायावती के आवास का घेराव और चंद्रशेखर आजाद का प्रदर्शन

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ शनिवार को प्रदर्शनकारियों के नारों से गूंज उठी। शिक्षक भर्ती में धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों ने सड़क पर उतरकर अपना गुस्सा निकाला। एक तरफ जहां 69,000 शिक्षक भर्ती

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ शनिवार को प्रदर्शनकारियों के नारों से गूंज उठी। शिक्षक भर्ती में धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों ने सड़क पर उतरकर अपना गुस्सा निकाला। एक तरफ जहां 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी मायावती के आवास पहुंचे, वहीं दूसरी तरफ चंद्रशेखर आजाद की पार्टी ने भी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ मोर्चा खोला।

69,000 शिक्षक भर्ती से जुड़े आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी लंबे समय से नियुक्ति और आरक्षण की विसंगतियों को दूर करने की मांग कर रहे हैं। इन अभ्यर्थियों ने बसपा प्रमुख मायावती के आवास का घेराव किया और उनसे हस्तक्षेप की अपील की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि योगी सरकार उनकी मांगों को नहीं सुन रही है और सुप्रीम कोर्ट में गलत आंकड़े पेश किए गए हैं। अभ्यर्थियों के मुताबिक, बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बताए गए 8,270 रिक्त पदों के आंकड़ों से वास्तविक पात्र उम्मीदवारों को नुकसान होगा और केवल 3,300 लोगों को ही लाभ मिलेगा।

इस दौरान लखनऊ पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने अभ्यर्थियों को मायावती के आवास की ओर बढ़ने से रोका और कई लोगों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया। यह प्रदर्शन शुक्रवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद जारी रहा।

दूसरी तरफ, आजाद समाज पार्टी (ASP) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने NEET-UG पेपर लीक और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ पर चिंता जताई। इस मुद्दे पर बसपा प्रमुख मायावती ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पेपर लीक के मामलों पर चिंता जताते हुए सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की।

पेपर लीक के मामले में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने अब तक 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। वहीं, सरकार ने दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए एक मसौदा विधेयक को मंजूरी दी है, जिसे अगले हफ्ते संसद में पेश किया जा सकता है। फिलहाल 69,000 शिक्षक भर्ती का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है और पेपर लीक से जुड़ी याचिकाओं पर 27 जुलाई को सुनवाई होगी।