UP : लखनऊ के सरोजनीनगर इलाके में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तारा शक्ति सिलाई केंद्रों का दायरा बढ़ाया गया है। 15 मई 2026 को आशियाना स्थित विधायक कार्यालय पराग चौराहा पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में 5 नए केंद्रों
UP : लखनऊ के सरोजनीनगर इलाके में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तारा शक्ति सिलाई केंद्रों का दायरा बढ़ाया गया है। 15 मई 2026 को आशियाना स्थित विधायक कार्यालय पराग चौराहा पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में 5 नए केंद्रों का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही अब लखनऊ में इन केंद्रों की कुल संख्या 180 हो गई है।
तारा शक्ति केंद्रों का मुख्य उद्देश्य और लाभ क्या है
सरोजनीनगर विधायक Dr. Rajeshwar Singh ने बताया कि यह पहल उनकी माता स्वर्गीय तारा सिंह की याद में शुरू की गई है। इन केंद्रों का मकसद सिर्फ सिलाई सिखाना नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए रोजगार पैदा करना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा देना है। यहाँ महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
अब ‘समग्र विकास केंद्र’ के रूप में काम करेंगे ये सेंटर
विधायक ने घोषणा की है कि सभी तारा शक्ति केंद्रों को अब ‘समग्र विकास केंद्र’ बनाया जाएगा। यहाँ एक ही छत के नीचे महिलाओं को राज्य सरकार की योजनाओं, ऋण, पेंशन, छात्रवृत्ति और करियर काउंसलिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, बेटियों को डिजिटल साक्षर बनाने के लिए यहाँ कंप्यूटर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
मशीनों का वितरण और आर्थिक सहायता का विवरण
नए खुले 5 केंद्रों के लिए कुल 35 सिलाई मशीनें बांटी गईं, जिसमें हर केंद्र को 7 मशीनें मिली हैं। इस मौके पर Dr. Rajeshwar Singh ने 5 जरूरतमंद महिलाओं को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता FD के रूप में दी। सहायता पाने वाली महिलाओं में शांति गौतम, मंजुला रावत, जया पांडेय, पंचवटी श्रीवास्तव और लक्ष्मी सिंह शामिल हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
तारा शक्ति सिलाई अभियान की शुरुआत कब हुई थी
इस अभियान की शुरुआत 16 अक्टूबर 2022 को हुई थी, तब केवल 4 केंद्रों से काम शुरू हुआ था जो अब बढ़कर 180 हो गए हैं।
समग्र विकास केंद्र में महिलाओं को क्या सुविधाएं मिलेंगी
यहाँ सिलाई प्रशिक्षण के साथ-साथ कंप्यूटर ट्रेनिंग, सरकारी योजनाओं की जानकारी, ऋण, पेंशन और करियर काउंसलिंग की सुविधा मिलेगी।