UP: लखनऊ के आलम नगर इलाके में सरकारी राशन की धांधली का बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ पवनपुरी के बाबू कुंज बिहारी वार्ड के निलंबित कोटेदार Om Prakash के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि कोटे
UP: लखनऊ के आलम नगर इलाके में सरकारी राशन की धांधली का बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ पवनपुरी के बाबू कुंज बिहारी वार्ड के निलंबित कोटेदार Om Prakash के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि कोटेदार ने सरकारी अनाज की कालाबाजारी की और प्रशासन के आदेशों को नजरअंदाज किया।
कोटेदार पर क्या आरोप लगे हैं और कितनी चोरी हुई
जिला पूर्ति अधिकारी Vijay Pratap Singh के मुताबिक, जब प्रशासन ने दुकान की जांच की तो वहां भारी कमी पाई गई। रिकॉर्ड के हिसाब से दुकान में 80.124 क्विंटल गेहूं, 120.276 क्विंटल चावल और 1.08 क्विंटल चीनी होनी चाहिए थी, लेकिन मौके पर सिर्फ 6.76 क्विंटल गेहूं और 26.55 क्विंटल चावल ही मिला। चीनी का पूरा स्टॉक गायब था। साथ ही e-POS मशीन का आइरिस स्कैनर और चार्जर भी नहीं मिला।
निलंबन के बाद भी क्यों हुई कार्रवाई
Om Prakash का लाइसेंस 28 अप्रैल 2026 को ही निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद राशन कार्डधारकों को दूसरी डीलर Smt. Usha Singh से जोड़ दिया गया था। नियम के मुताबिक Om Prakash को सरकारी अनाज और मशीनें नई डीलर को सौंपनी थीं। विभाग ने 29 अप्रैल से 22 मई के बीच कई नोटिस भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अंत में 1 जून को प्रशासन ने जबरन दुकान खोलकर जांच की, जिसके बाद यह गड़बड़ी पकड़ी गई।
पुलिस और प्रशासन की अब क्या कार्रवाई है
सप्लाई इंस्पेक्टर Ashok Kumar Chaurasia की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आलम नगर के इंस्पेक्टर Rambabu ने बताया कि शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि अनाज कहाँ गया और किसे बेचा गया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
निलंबित कोटेदार Om Prakash के खिलाफ FIR क्यों हुई?
कोटेदार ने निलंबन के बाद भी सरकारी अनाज और e-POS मशीन नई डीलर को नहीं सौंपी और दुकान से भारी मात्रा में गेहूं, चावल और चीनी गायब पाए गए।
दुकान की जांच में कितना अनाज कम मिला?
जांच में 73.35 क्विंटल गेहूं, 93.71 क्विंटल चावल और 1.08 क्विंटल चीनी की कमी पाई गई, जिसे कालाबाजारी से जोड़ा जा रहा है।