Lucknow के समिट बिल्डिंग में चल रहा था इंटरनेशनल कॉल सेंटर, अब अमेरिका भेजे जाएंगे सबूत
Lucknow: राजधानी के गोमती नगर स्थित समिट बिल्डिंग में चल रहे एक बड़े इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। यहां से अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों की ठगी की जा रही थी। अब लखनऊ पुलिस इस मामले के सबूत अमेरिकी सु
Lucknow: राजधानी के गोमती नगर स्थित समिट बिल्डिंग में चल रहे एक बड़े इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। यहां से अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों की ठगी की जा रही थी। अब लखनऊ पुलिस इस मामले के सबूत अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को भेजेगी ताकि विदेश में बैठे मास्टरमाइंड्स को पकड़ा जा सके।
साइबर क्राइम टीम ने इस मामले में मुख्य सरगना विनीत वशिष्ठ, उसकी गर्लफ्रेंड रिंकी दासगुप्ता और सहयोगी नायक जयराज को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। विनीत पर 25 हजार रुपये का इनाम था। पुलिस के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क ‘Solaris Solution’ के नाम से चल रहा था और पिछले छह महीनों में इसने करीब 45 करोड़ रुपये की कमाई की होगी। अब तक इस मामले में कुल 132 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच में सामने आया है कि स्कैमर्स अमेरिकी टोल-फ्री नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को तकनीकी खराबी या बैंकिंग समस्याओं के नाम पर ठगते थे। अमेरिका में ‘चार्ल्स’ नाम का एक व्यक्ति इस पूरे नेटवर्क को गाइड कर रहा था और नंबर उपलब्ध करा रहा था। यूपी पुलिस मुख्यालय के जरिए अब ये सबूत अमेरिका भेजे जाएंगे क्योंकि बिना अमेरिकी एजेंसियों की मदद के इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल है।
इस बीच पुलिस ने समिट बिल्डिंग की मालकिन रुचि अग्रवाल को नोटिस जारी किया है। उनसे दो दिन के भीतर बिल्डिंग के मालिकाना हक, किराएदारों की पहचान और पुलिस वेरिफिकेशन जैसे दस्तावेज मांगे गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या रुचि अग्रवाल और उनके पति संदीप अग्रवाल का संबंध ईडी और सीबीआई द्वारा जांचे जा रहे पुराने धोखाधड़ी के मामलों से है।
ADCP क्राइम किरण यादव ने बताया कि यह ठगी एक चार-स्तरीय मॉडल पर काम कर रही थी। अमेरिकी दूतावास ने भी लखनऊ पुलिस से संपर्क किया है और पीड़ितों व आरोपियों की जानकारी मांगी है ताकि उनके नागरिको के साथ हुई धोखाधड़ी पर कार्रवाई की जा सके।