Lucknow में अरबों की ठगी का इंटरनेशनल कॉल सेंटर बस्ट, 27 लड़कियों समेत 119 हिरासत में
Lucknow: राजधानी के गोमती नगर एक्सटेंशन स्थित विभुति खंड की समिट बिल्डिंग में चल रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कमिश्नरेट पुलिस, साइबर सेल और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त छापेमा
Lucknow: राजधानी के गोमती नगर एक्सटेंशन स्थित विभुति खंड की समिट बिल्डिंग में चल रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कमिश्नरेट पुलिस, साइबर सेल और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त छापेमारी कर 119 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें 27 महिलाएं भी शामिल हैं। यह पूरा गिरोह विदेशियों को अपना निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था।
पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई 1 जुलाई 2026 की रात को की, जिसमें करीब 12 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर ‘Solaris Solution’ नाम से यह कॉल सेंटर चल रहा था। जांच में पता चला है कि यह गिरोह जनवरी 2025 से सक्रिय था और अब तक करीब 250 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुका है। पुलिस ने इस मामले में अहमदाबाद के ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार नाम के दो ऑपरेशन मैनेजरों को भी गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए लोग सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि गुजरात, महाराष्ट्र, असम, झारखंड, राजस्थान, उत्तराखंड, नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, यहाँ काम करने वाले टेली-कॉलर्स को 30 हजार से 40 हजार रुपये महीना सैलरी दी जाती थी और उन्हें खास तौर पर अंग्रेजी बोलने की ट्रेनिंग दी गई थी ताकि वे विदेशी नागरिकों से बात कर सकें।
ठगी करने का तरीका बेहद शातिर था। ये लोग VoIP सिस्टम और भारत में बैन ‘Eyebeam Dialer’ का इस्तेमाल करते थे। ये खुद को Amazon, Microsoft, Apple, PayPal, Netflix और Facebook जैसी बड़ी कंपनियों या अमेरिकी सरकारी एजेंसियों का प्रतिनिधि बताते थे। पीड़ितों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर, ब्लैकमेल करके या ई-वॉलेट में गड़बड़ी बताकर पैसे ऐंठे जाते थे। पैसों के लेन-देन के लिए गिफ्ट कार्ड, क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल कूपन का इस्तेमाल किया जाता था ताकि पुलिस पकड़ में न आए।
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में सामान बरामद किया है जिसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है।
| बरामद सामान | संख्या/विवरण |
|---|---|
| लैपटॉप | 100 |
| मोबाइल फोन | 178 |
| अन्य | कॉलिंग डेटा, बैंक ई-वॉलेट डिटेल्स और डिजिटल उपकरण |
पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर के निर्देशन में यह ऑपरेशन चलाया गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, आईटी एक्ट की धारा 66C, 66D और टेलीकॉम एक्ट-2023 की धारा 42 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन और इसके पीछे के मुख्य मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है।