Lucknow में छात्रों का अनोखा प्रदर्शन, लिपस्टिक और नेल पॉलिश से लिखे नारे; शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
Lucknow: राजधानी के परिवर्तन चौक पर शुक्रवार को छात्र संगठनों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने लिपस्टिक और नेल पॉलिश का इस्तेमाल कर नारे लिखे और ढपली बजाकर अपनी आवाज उठाई। यह प्रदर्शन दिल्ली के
Lucknow: राजधानी के परिवर्तन चौक पर शुक्रवार को छात्र संगठनों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने लिपस्टिक और नेल पॉलिश का इस्तेमाल कर नारे लिखे और ढपली बजाकर अपनी आवाज उठाई। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर मंतर पर 20 जुलाई को हुए लाठीचार्ज के विरोध और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के समर्थन में किया गया था।
छात्रों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। प्रदर्शन के दौरान AISA, समाजवादी छात्र सभा और NSUI जैसे संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। इससे पहले 20 जुलाई को लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने पेपर लीक और NTA के खिलाफ हजरतगंज तक मार्च निकालने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोककर कई लोगों को हिरासत में ले लिया था। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को इको गार्डन भेजा गया।
यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर गरमा गया है। दिल्ली में 24 जुलाई को CJP ने देशव्यापी प्रदर्शन किया, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से DMRC ने 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा। वहीं, हैदराबाद में भी नीट पेपर लीक मामले को लेकर विशाल रैली निकाली गई। विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य सांसदों ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया है।
इस बीच केंद्र सरकार और CJP के बीच कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में बैठक हुई है। जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP नेताओं आशुतोष राका और सौरव दास से बातचीत की। सरकार ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करने के लिए शनिवार दोपहर (25 जुलाई) तक का समय मांगा है। CJP ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और बड़ा होगा। साथ ही सरकार पेपर लीक रोकने के लिए एक सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान हो सकता है।