Lucknow में छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में निकाला 2 किमी पैदल मार्च
Lucknow: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए लाठीचार्ज के विरोध में लखनऊ की सड़कों पर भारी आक्रोश देखा गया। 24 जुलाई 2026 को बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं ने परिवर्तन चौक से शहीद स्मारक तक करीब 2 किलोमीटर का पै
Lucknow: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए लाठीचार्ज के विरोध में लखनऊ की सड़कों पर भारी आक्रोश देखा गया। 24 जुलाई 2026 को बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं ने परिवर्तन चौक से शहीद स्मारक तक करीब 2 किलोमीटर का पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की।
छात्रों का आरोप है कि 20 जुलाई को दिल्ली में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और बेरहमी से लाठियां बरसाईं। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिस ने कीलों वाली लाठियों का इस्तेमाल किया और महिला छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस मामले को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर 27 जुलाई 2026 को सुनवाई होनी है।
लखनऊ के इस प्रदर्शन में सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि LGBTQ समुदाय के सदस्य, शिया धर्मगुरु और कई सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। आइसा (AISA) और एसएफआई (SFI) जैसे छात्र संगठनों ने साफ किया कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, यह आंदोलन जारी रहेगा। शिया धर्मगुरु मौलाना वली हैदर ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज दबाना गलत है।
विरोध की यह लहर अब पूरे उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में फैल गई है। मेरठ में छात्रों ने पुतला जलाया तो हमीरपुर में ब्राह्मण एकता परिषद ने प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है। 24 जुलाई की शाम लखनऊ में और 25 जुलाई को प्रदेश के सभी 75 जिलों में कैंडल मार्च निकाला जाएगा। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद भी 25 जुलाई को लखनऊ के प्रदर्शन में शामिल होंगे।
इसी बीच लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी भी शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव करने पहुंचे, जहां पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। भारतीय किसान यूनियन के अंबावता गुट ने भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया और सरकार से जवाब मांगा।