UP: लखनऊ के अमीनाबाद इलाके से एक बहुत ही दुखद खबर आई है। यहाँ एक 7वीं कक्षा के छात्र ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि स्कूल ने फीस बकाया होने की वजह से बच्चे को परीक्षा देने से रोक दिया था, जिससे वह बहुत
UP: लखनऊ के अमीनाबाद इलाके से एक बहुत ही दुखद खबर आई है। यहाँ एक 7वीं कक्षा के छात्र ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि स्कूल ने फीस बकाया होने की वजह से बच्चे को परीक्षा देने से रोक दिया था, जिससे वह बहुत आहत हुआ। इस मामले में अभी तक पुलिस को कोई लिखित शिकायत या तहरीर नहीं मिली है।
स्कूलों के लिए प्रशासन के क्या हैं नियम
लखनऊ जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए सख्त गाइडलाइन्स जारी की हैं। जिलाधिकारी विशाख जी ने साफ किया है कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम के तहत नियमों का पालन करना होगा। स्कूलों को फीस स्ट्रक्चर में पारदर्शिता रखनी होगी और बिना वजह फीस नहीं बढ़ाई जा सकती।
नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर क्या होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। शिकायतों के लिए अपर जिलाधिकारी ज्योति गौतम और जिला विद्यालय निरीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया है ताकि अभिभावकों की समस्याओं का समाधान हो सके।
लखनऊ में छात्रों की आत्महत्या के अन्य मामले
शहर में पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। जून 2025 में चिनहट के एक बी.फार्मा छात्र ने फीस विवाद के कारण जान दी थी, जिसमें एक अकाउंटेंट गिरफ्तार हुआ था। वहीं, नवंबर 2025 में निगोहां के एक 12 वर्षीय छात्र और मई 2026 में कृष्णानगर के एक बीसीए छात्र की आत्महत्या की खबरें भी आईं। इनमें से कुछ मामले परीक्षा के तनाव और फीस से जुड़े थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में निजी स्कूलों की फीस को लेकर क्या नियम हैं?
जिला प्रशासन के अनुसार, स्कूलों को फीस स्ट्रक्चर पारदर्शी रखना होगा। वार्षिक फीस वृद्धि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और 5% से ज्यादा नहीं हो सकती है।
स्कूल की मनमानी की शिकायत कहाँ करें?
अभिभावक अपनी शिकायतें नोडल अधिकारियों, जैसे अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) ज्योति गौतम या जिला विद्यालय निरीक्षक से कर सकते हैं।