Lucknow में आवारा गाय ने बच्ची को सींग से पटककर रौंदा, हालत गंभीर, CCTV में कैद हुई पूरी घटना

Lucknow: राजधानी के अर्जुनगंज इलाके में एक आवारा गाय ने 8 साल की मासूम बच्ची पर जानलेवा हमला कर दिया। गाय ने बच्ची को अपने सींगों में फंसाकर जमीन पर पटक दिया और करीब एक मिनट तक उसे पैरों से रौंदता रहा। यह पूरी खौफनाक घटन

Lucknow: राजधानी के अर्जुनगंज इलाके में एक आवारा गाय ने 8 साल की मासूम बच्ची पर जानलेवा हमला कर दिया। गाय ने बच्ची को अपने सींगों में फंसाकर जमीन पर पटक दिया और करीब एक मिनट तक उसे पैरों से रौंदता रहा। यह पूरी खौफनाक घटना वहां लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यह हादसा शुक्रवार, 1 अगस्त 2026 को अर्जुनगंज के सरसवा गांव/कॉलोनी में हुआ। पीड़ित बच्ची का नाम सुनैना है, जो सिनोद कुमार और नेहा की बेटी है। हमले के दौरान सुनैना के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है और डॉक्टर उस पर नजर रख रहे हैं।

घटना के वक्त बच्ची को बचाने की कोशिश में एक पड़ोसी को भी गाय ने दौड़ाया, जबकि इस बीच एक मजदूर भी घायल हो गया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बच्ची को बचाने के लिए गाय पर पत्थर फेंके, तब जाकर जानवर वहां से हटा। इस घटना के बाद से इलाके के लोगों में डर का माहौल है और लोग आवारा पशुओं की समस्या को लेकर नाराज हैं। गोल्फ सिटी के इंस्पेक्टर सुशांत ने नगर निगम से आवारा पशुओं पर लगाम लगाने की मांग की है।

लखनऊ नगर निगम (LMC) के एनिमल वेलफेयर ऑफिसर अभिनव वर्मा ने बताया कि नए विस्तारित क्षेत्रों में फिलहाल पशु पकड़ने का काम रुका हुआ था, लेकिन इस घटना की गंभीरता को देखते हुए उस गाय को तुरंत पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि जिस मालिक ने गाय को खुला छोड़ा था, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एक विशेष टीम को मौके पर भेजा गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के मुताबिक, आवारा पशुओं के प्रबंधन के लिए अस्थायी गौशालाओं और टैगिंग की व्यवस्था है। लखनऊ में कान्हा उपवन गौशाला, लक्ष्मण गौशाला और राधा उपवन गौशाला जैसे केंद्र संचालित हैं, जिनमें से अकेले कान्हा उपवन गौशाला में करीब 10,000 पशु रखे गए हैं। नियमों के अनुसार, हाईवे और सड़कों से पशु हटाने की जिम्मेदारी PWD और NHAI जैसी संस्थाओं की भी है।