Lucknow में आवारा पशुओं का आतंक, अर्जुनगंज में बच्ची पर हमला; नगर निगम ने पकड़े 3 गौवंश

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कों पर आवारा पशुओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला अर्जुनगंज इलाके का है, जहां एक आवारा गाय ने एक 5 साल की बच्ची पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह पूरी घट

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कों पर आवारा पशुओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला अर्जुनगंज इलाके का है, जहां एक आवारा गाय ने एक 5 साल की बच्ची पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे गाय ने मासूम बच्ची को निशाना बनाया।

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद लखनऊ नगर निगम (LMC) की टीम ने कार्रवाई की। पशु कल्याण अधिकारी अभिनव वर्मा ने बताया कि शनिवार को सूचना मिलने के बाद टीमों को तैनात किया गया था, जिसके बाद हमले में शामिल तीन आवारा पशुओं को पकड़ लिया गया है। निगम प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि जो लोग अपने पशुओं को सड़कों पर खुला छोड़ते हैं, उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।

शहर में आवारा पशुओं की समस्या काफी पुरानी है और अब यह जानलेवा साबित हो रही है। मई 2025 में भी एक 91 वर्षीय व्यक्ति की जान ऐसी ही घटना में चली गई थी। लखनऊ नगर निगम अधिनियम, 1959 के मुताबिक शहर की सीमा में भैंसों पर पाबंदी है और एक घर में लाइसेंस के साथ केवल दो गायें रखने की अनुमति है। हालांकि, जमीनी हकीकत अलग है और सड़कों पर पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है।

पशुओं के रहने की व्यवस्था भी नाकाफी है। शहर के छह कांजी हाउस और कान्हा उपवन गौशाला की कुल क्षमता 10,000 पशुओं की है, जो पहले से ही पूरी तरह भरे हुए हैं। इसी बीच, 31 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि आवारा पशुओं से होने वाले हादसों को रोकने के लिए एक मजबूत सिस्टम बनाया जाए और पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए। कोर्ट ने एक अन्य मामले में पीड़ित की विधवा को 15 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था।

उत्तर प्रदेश सरकार और नगर विकास विभाग ने पहले ही चेतावनी दी है कि राजमार्गों और संस्थागत क्षेत्रों में आवारा पशुओं का प्रबंधन न कर पाने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने भी कहा था कि अनुत्पादक पशुओं को छोड़ने वाले किसानों पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज होगा।