UP : लखनऊ में एसटीएफ ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। पुलिस ने आयुष्मान भारत योजना के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी चक्र शेरू को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी ने एक साल के भीतर करीब 1500 अपात्र लोगो
UP : लखनऊ में एसटीएफ ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। पुलिस ने आयुष्मान भारत योजना के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी चक्र शेरू को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी ने एक साल के भीतर करीब 1500 अपात्र लोगों के फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाए थे।
चक्र शेरू ने कैसे किया फर्जी कार्ड्स का खेल
पकड़ा गया आरोपी चक्र शेरू, जिसे अभिषेक और अजय के नाम से भी जाना जाता है, हरदोई का रहने वाला है और लखनऊ के तालकटोरा इलाके में रह रहा था। वह जन सेवा केंद्र के जरिए ओटीपी (OTP) को बाइपास करके फर्जी कार्ड बनाता था। वह एक खास पोर्टल का इस्तेमाल करता था जिसमें यूपी के सभी 75 जिलों की फैमिली आईडी का डेटा था। वह परिवार के मुखिया के बजाय सीधे उस व्यक्ति के आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी मंगाकर नए सदस्यों के नाम जोड़ता था और फिर ISA और SHA के जरिए कार्ड स्वीकृत कराता था।
STF की कार्रवाई और गिरोह का नेटवर्क
एसटीएफ ने आरोपी को पारा थाना क्षेत्र के बुद्धेश्वर इलाके से पकड़ा है। जांच में पता चला कि वह रोजाना 5 से 8 फर्जी कार्ड बनवाता था, जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान हुआ। यह मामला पुराने फर्जीवाड़े से भी जुड़ा है। दिसंबर 2025 में एसटीएफ ने चंद्रभान वर्मा समेत सात लोगों को पकड़ा था जिन्होंने 2000 से ज्यादा फर्जी कार्ड बनाए थे। चंद्रभान ने ही अप्रैल 2025 में चक्र शेरू की मुलाकात उस सॉफ्टवेयर डेवलपर से कराई थी जिसने यह फर्जी पोर्टल बनाया था।
सरकारी योजना पर असर और आगे की जांच
यह धोखाधड़ी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के साथ की गई। एसटीएफ अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और उन लाभार्थियों की तलाश कर रही है जिन्होंने इन फर्जी कार्ड्स का फायदा उठाया। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि पता चल सके कि और कितने लोग इस खेल में शामिल थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आरोपी चक्र शेरू फर्जी आयुष्मान कार्ड कैसे बनाता था
आरोपी जन सेवा केंद्र के माध्यम से एक विशेष पोर्टल का उपयोग करता था। वह ओटीपी सत्यापन प्रक्रिया को दरकिनार कर अपात्र लोगों के नाम फैमिली आईडी में जोड़ता था और फिर उन्हें स्वीकृत कराता था।
इस फर्जीवाड़े में कुल कितने कार्ड बनाए गए
मुख्य आरोपी चक्र शेरू ने एक वर्ष में करीब 1500 फर्जी कार्ड बनाए। इससे पहले दिसंबर 2025 में पकड़े गए गिरोह ने 2000 से अधिक फर्जी कार्ड बनाए थे।