Lucknow State Museum में मौर्यकाल के बाद की अर्थव्यवस्था पर चर्चा, सिक्कों से जाना इतिहास
Lucknow : लखनऊ के राज्य संग्रहालय में मौर्यकाल के बाद की भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक खास लेक्चर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में भी भारत की मुद्रा और व्यापार
Lucknow : लखनऊ के राज्य संग्रहालय में मौर्यकाल के बाद की भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक खास लेक्चर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में भी भारत की मुद्रा और व्यापार व्यवस्था में बड़े बदलाव आए थे।
कोलकाता यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सुष्मिता बसु मजूमदार ने मुख्य वक्ता के तौर पर हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि मौर्य साम्राज्य के खत्म होने के बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता तो थी, लेकिन व्यापार और सिक्कों के चलन में काफी तरक्की हुई। प्रोफेसर मजूमदार प्राचीन भारतीय सिक्कों और शिलालेखों की विशेषज्ञ हैं और उन्होंने इस विषय पर कई किताबें भी लिखी हैं।
लेक्चर के दौरान यह जानकारी दी गई कि शुंग, कण्व, इंडो-ग्रीक, शक और कुषाण राजाओं के शासनकाल में अलग-अलग धातुओं के सिक्कों का इस्तेमाल शुरू हुआ। इन सिक्कों के जरिए उस समय की आर्थिक स्थिति और व्यापारिक रिश्तों को समझा जा सकता है। यह कार्यक्रम इतिहास और सिक्कों के अध्ययन में रुचि रखने वालों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा।