UP: लखनऊ के राज्य संग्रहालय में बच्चों के लिए ‘खुशियों की पाठशाला’ का आयोजन किया गया है। उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग द्वारा शुरू की गई इस पहल का मकसद बच्चों को कलाकृतियों के प्रति जागरूक करना और उनकी रचनात
UP: लखनऊ के राज्य संग्रहालय में बच्चों के लिए ‘खुशियों की पाठशाला’ का आयोजन किया गया है। उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग द्वारा शुरू की गई इस पहल का मकसद बच्चों को कलाकृतियों के प्रति जागरूक करना और उनकी रचनात्मकता को बढ़ाना है। इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता और संग्रहालय में आने वाले लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
खुशियों की पाठशाला में क्या-क्या गतिविधियां हो रही हैं?
इस कार्यक्रम के तहत बच्चों के लिए इंटरएक्टिव सत्र रखे गए हैं। इसमें मुख्य रूप से ‘आर्ट एंड क्राफ्ट’ पर जोर दिया गया है। बच्चे रंगीन पेपर, स्टिकर्स और रंगों की मदद से पेन स्टैंड, छोटे घर, वॉल हैंगिंग, ग्रीटिंग कार्ड, फ्रेम और लैंडस्केप जैसी चीजें बना रहे हैं। इस पूरे कार्यक्रम की परिकल्पना निदेशक डॉ. सृष्टि धवन ने की है और इसका समन्वय सहायक निदेशक डॉ. मीनाक्षी खेमका कर रही हैं।
संग्रहालय में एंट्री और पर्यटन विभाग का नया नियम क्या है?
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में लिए गए फैसले के मुताबिक, घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत मई और जून 2026 के दौरान राज्य संचालित संग्रहालयों में बच्चों और परिवारों के लिए प्रवेश बिल्कुल मुफ्त रखा गया है। इससे ज्यादा से ज्यादा परिवार अपने बच्चों को साथ लेकर संग्रहालय की ऐतिहासिक चीजों को देख सकेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
खुशियों की पाठशाला कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य बच्चों में कलात्मकता को विकसित करना और उन्हें संग्रहालय की कलाकृतियों के प्रति सौंदर्य बोध जागृत करना है।
क्या संग्रहालय में प्रवेश के लिए कोई शुल्क देना होगा?
नहीं, ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के तहत मई और जून 2026 के लिए बच्चों और परिवारों के लिए राज्य संचालित संग्रहालयों में प्रवेश निःशुल्क है।