Lucknow के राज्य संग्रहालय में प्राचीन मुहरों पर चर्चा, डॉ. वासुदेव शरण अग्रवाल की स्मृति में व्याख्यानमाला शुरू
Lucknow: लखनऊ के बनारसी बाग स्थित राज्य संग्रहालय में डॉ. वासुदेव शरण अग्रवाल स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 26 जुलाई से 07 अगस्त, 2026 तक चलेगा। इस व्याख्यानमाला का मकसद भारतीय सांस्कृतिक विर
Lucknow: लखनऊ के बनारसी बाग स्थित राज्य संग्रहालय में डॉ. वासुदेव शरण अग्रवाल स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 26 जुलाई से 07 अगस्त, 2026 तक चलेगा। इस व्याख्यानमाला का मकसद भारतीय सांस्कृतिक विरासत और इतिहास के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा करना है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन 27 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के मौके पर एक प्रदर्शनी के साथ हुआ था। इस दौरान ‘सील एंड सीलिंग’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान दिया गया। इसमें बताया गया कि प्राचीन भारत की मुहरें और मुद्राएं सिर्फ पहचान का जरिया नहीं थीं, बल्कि वे उस समय की शासन व्यवस्था, व्यापार और सामाजिक जीवन का पक्का सबूत हैं।
संग्रहालय के निदेशक डॉ. विनय कुमार सिंह और कार्यक्रम प्रभारी डॉ. मीनाक्षी खेमका के साथ अभिरक्षक शालिनी श्रीवास्तव भी इस आयोजन में शामिल हैं। व्याख्यान हर दिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेंगे। इसमें शामिल होने के लिए शोधार्थियों और 18 साल से ऊपर के नागरिकों से आवेदन मांगे गए थे और प्रवेश पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिया गया है।
यह पूरी श्रृंखला डॉ. वासुदेव शरण अग्रवाल की याद में की जा रही है। वे भारत के इतिहास, कला और संस्कृति के बड़े विद्वान थे। उन्होंने पुरातत्व के क्षेत्र में काफी काम किया और दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय के अध्यक्ष के साथ-साथ लखनऊ और मथुरा के संग्रहालयों में निरीक्षक भी रहे थे।