UP: लखनऊ के फैजुल्लागंज वार्ड नंबर 73 से सपा पार्षद ललित तिवारी ने आखिरकार पद की शपथ ले ली है। मेयर सुषमा खर्कवाल ने रविवार सुबह उन्हें शपथ दिलाई। यह पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद सुलझा, क्योंकि कोर्ट न
UP: लखनऊ के फैजुल्लागंज वार्ड नंबर 73 से सपा पार्षद ललित तिवारी ने आखिरकार पद की शपथ ले ली है। मेयर सुषमा खर्कवाल ने रविवार सुबह उन्हें शपथ दिलाई। यह पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद सुलझा, क्योंकि कोर्ट ने शपथ दिलाने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए मेयर के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार फ्रीज कर दिए थे।
शपथ दिलाने में देरी क्यों हुई और क्या था कोर्ट का आदेश?
ललित तिवारी को 19 दिसंबर 2025 को ही जिला कोर्ट ने निर्वाचित पार्षद घोषित कर दिया था, क्योंकि भाजपा पार्षद प्रदीप कुमार शुक्ला का चुनाव रद्द हो गया था। इसके बावजूद लंबे समय तक उन्हें शपथ नहीं दिलाई गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 13 मई 2026 को आदेश दिया था कि एक हफ्ते के भीतर शपथ दिलाई जाए। जब यह नहीं हुआ, तो 22 मई को कोर्ट ने मेयर के अधिकारों को सीज कर दिया। यह पहली बार हुआ है जब किसी मेयर के अधिकार इस तरह फ्रीज किए गए।
मेयर ने देरी के लिए क्या वजह बताई?
मेयर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि करीब एक महीने पहले मुंबई में एक प्रोग्राम में जाने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई थी। इस वजह से उन्हें सेना के अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। उन्होंने कहा कि शनिवार शाम को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद रविवार सुबह उन्होंने ललित तिवारी को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद अब मेयर के फ्रीज किए गए अधिकार फिर से बहाल हो गए हैं।
ललित तिवारी को पार्षद पद कैसे मिला?
ललित तिवारी ने भाजपा पार्षद प्रदीप कुमार शुक्ला के चुनावी हलफनामे को चुनौती दी थी। आरोप था कि शुक्ला ने हलफनामे में जरूरी जानकारी छिपाई थी। कोर्ट ने इसे गंभीर गलती माना और उनका चुनाव रद्द कर दिया। शपथ लेने के बाद ललित तिवारी ने इसे न्याय की जीत बताया और कहा कि अब वह अपने वार्ड की समस्याओं को दूर करेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 29 मई 2026 को होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ललित तिवारी को पार्षद पद की शपथ कब दिलाई गई?
ललित तिवारी को रविवार, 24 मई 2026 की सुबह लखनऊ मेयर सुषमा खर्कवाल द्वारा पद की शपथ दिलाई गई।
हाईकोर्ट ने मेयर के अधिकार क्यों सीज किए थे?
जिला कोर्ट के आदेश के बावजूद ललित तिवारी को शपथ दिलाने में हो रही देरी से नाराज होकर हाईकोर्ट ने 22 मई 2026 को मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज किए थे।