Lucknow में सपा मुख्यालय के बाहर लगी होर्डिंग, कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर निशाने पर
Lucknow: राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर एक नई होर्डिंग लगी है जिसने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस होर्डिंग में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है। यह पूरा मामला सपा और
Lucknow: राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर एक नई होर्डिंग लगी है जिसने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस होर्डिंग में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है। यह पूरा मामला सपा और राजभर के बीच चल रहे पोस्टर युद्ध का ताजा हिस्सा है।
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है। राजभर ने 20 जून 2026 को अंबेडकर नगर में कहा कि महिला आरक्षण बिल की वजह से सपा में विभाजन तय है। उन्होंने इसकी तुलना शिवसेना और टीएमसी में हुई टूट से की। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि सपा के अंदर ब्राह्मणों का अपमान हुआ है और कई बागी सांसद पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने इशारा किया कि इस टूट का नेतृत्व भूमि का एक लाल करेगा, जिसे लोग सांसद सनातन पांडे से जोड़कर देख रहे हैं।
दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ओम प्रकाश राजभर को अफवाह फैलाने वाला मंत्री बताया। अखिलेश यादव ने उन पर टिकट और ठेकों के नाम पर पैसे वसूलने के गंभीर आरोप लगाए। इसी खींचतान के बीच सपा मुख्यालय के बाहर वह होर्डिंग लगाई गई जिसमें राजभर के खिलाफ तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया गया और उनके दफ्तर में आने पर पाबंदी जैसी बातें लिखी गईं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह लड़ाई अब सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं रही। राजभर ने दावा किया था कि रामगोपाल यादव ने अमित शाह को सपा नेताओं के भाजपा में जाने को लेकर पत्र लिखा है, जबकि सपा ने इसे महज एक अफवाह करार दिया। इस बीच सांसद रुचि वीरा की नाराजगी और शिवपाल यादव के पुराने बयानों को भी राजभर अपनी बातों को सही साबित करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। लखनऊ की सड़कों पर लगी ये होर्डिंग अब आम जनता के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।