Lucknow में सपा मुख्यालय के बाहर लगे होर्डिंग पर विवाद, राम मंदिर चंदा और केदारनाथ सोना चोरी का लगाया आरोप

Lucknow : राजधानी लखनऊ में राजनीतिक दलों के बीच होर्डिंग वार का सिलसिला जारी है। शनिवार, 8 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) मुख्यालय के बाहर एक होर्डिंग लगाई गई, जिसने शहर में नई चर्चा छेड़ दी। इस होर्डिंग के जरिए सरक

Lucknow : राजधानी लखनऊ में राजनीतिक दलों के बीच होर्डिंग वार का सिलसिला जारी है। शनिवार, 8 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) मुख्यालय के बाहर एक होर्डिंग लगाई गई, जिसने शहर में नई चर्चा छेड़ दी। इस होर्डिंग के जरिए सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे, लेकिन कुछ समय बाद यह होर्डिंग वहां से गायब हो गई।

इस विवादित होर्डिंग में मुख्य रूप से राम मंदिर चंदा चोरी और केदारनाथ सोना चोरी के मामलों का जिक्र किया गया था। इसके अलावा, एथेनॉल के नाम पर गाड़ियों के माइलेज कम होने को लेकर भी सरकार पर तंज कसा गया था। लखनऊ में राजनीतिक दल अक्सर एक-दूसरे को घेरने के लिए इस तरह के पोस्टरों और होर्डिंग्स का सहारा लेते रहे हैं।

राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में समाजवादी पार्टी काफी समय से सरकार को घेर रही है। जुलाई 2026 में सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने अयोध्या राम मंदिर में करीब 20,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। उनके मुताबिक इसमें कीमती धातुओं और गहनों की चोरी शामिल थी। इसी मामले में यूपी पुलिस ने जांच तेज की और कुछ आरोपियों के घरों पर छापेमारी कर नकदी और गहने बरामद किए थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 अगस्त 2026 को इस मामले पर सफाई देते हुए कहा था कि जांच में साधु-संतों की कोई भूमिका नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि एसआईटी की जांच में 8 लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से 6 लोग सीधे तौर पर चढ़ावे से जुड़े हुए थे। इस पूरे विवाद को लेकर सपा विधायकों ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भी जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था।

सपा मुख्यालय के बाहर होर्डिंग लगाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 31 जुलाई को चंदा चोरी और आरक्षण के मुद्दे पर पोस्टर लगे थे। वहीं 7 अगस्त को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर और 22 जुलाई को भाजपा को युवा विरोधी बताने वाले होर्डिंग भी लगाए गए थे। मार्च 2026 में बिहार की राजनीति पर तंज कसने वाले होर्डिंग ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं।