UP: लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मुख्यालय के बाहर एक होर्डिंग लगाकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। समाजवादी युवजनसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज राजभर ने इस होर्डिंग के जरिए भाजपा सरकार पर राजभर समाज के लोगों के साथ अत्याचार कर
UP: लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मुख्यालय के बाहर एक होर्डिंग लगाकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। समाजवादी युवजनसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज राजभर ने इस होर्डिंग के जरिए भाजपा सरकार पर राजभर समाज के लोगों के साथ अत्याचार करने का आरोप लगाया है। यह विवाद अब एक बड़े पोस्टर युद्ध में बदल गया है।
होर्डिंग में क्या दावे किए गए हैं?
पंकज राजभर द्वारा लगवाई गई इस होर्डिंग में साल 2024 से 2026 के बीच राजभर समाज के लोगों की हत्याओं का जिक्र है। इसमें वाराणसी, बलिया, गाजीपुर, मऊ, जौनपुर, बाराबंकी, कुशीनगर और संतकबीर नगर जैसे जिलों के नाम दिए गए हैं। होर्डिंग में लगभग 22 मृतक व्यक्तियों की सूची भी लगाई गई है ताकि सरकार को कानून-व्यवस्था पर घेरा जा सके।
ओम प्रकाश राजभर ने कैसे किया पलटवार?
इस मामले पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो हत्या के आरोपियों के नाम भी सार्वजनिक करें। राजभर ने आरोप लगाया कि कई मामलों में हत्यारे यादव समुदाय के थे, जिसे सपा छिपा रही है। उन्होंने बाराबंकी के एक बर्फ विक्रेता और मऊ की एक लड़की की हत्या का उदाहरण देते हुए सपा पर सवाल उठाए।
PDA नारे पर क्या बोले ओम प्रकाश राजभर?
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि इस नारे का असली मतलब “पहला दावा अहिर” है। उनका आरोप है कि समाजवादी पार्टी में केवल सैफई परिवार के लोगों को ही प्राथमिकता दी जाती है और बाकी पिछड़ों की अनदेखी होती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में होर्डिंग किसने लगवाई और क्यों?
यह होर्डिंग समाजवादी युवजनसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज राजभर ने लगवाई है। इसका मकसद 2024-2026 के बीच राजभर समाज के लोगों की कथित हत्याओं के जरिए भाजपा सरकार को घेरना है।
ओम प्रकाश राजभर ने सपा पर क्या आरोप लगाए?
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि राजभर समाज के हत्यारे यादव समुदाय से थे और सपा उन्हें बचा रही है। साथ ही उन्होंने PDA नारे को केवल एक खास वर्ग तक सीमित बताया।