Lucknow में रिश्वतखोर SI सस्पेंड, बोले- सैलरी से गुजारा नहीं होता, बेटे को पीटने का भी आरोप

Lucknow: राजधानी के रहीमाबाद थाने में तैनात एक दरोगा की शर्मनाक करतूत सामने आई है। उपनिरीक्षक (SI) Guddu Prasad पर जांच के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। मामला तब बढ़ा जब सोशल मीडिया पर एक ऑडियो-व

Lucknow: राजधानी के रहीमाबाद थाने में तैनात एक दरोगा की शर्मनाक करतूत सामने आई है। उपनिरीक्षक (SI) Guddu Prasad पर जांच के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। मामला तब बढ़ा जब सोशल मीडिया पर एक ऑडियो-वीडियो वायरल हुआ, जिसमें रिश्वत की बात हो रही थी। पुलिस कमिश्नर ऑफिस ने इस पर तुरंत एक्शन लेते हुए दरोगा को सस्पेंड कर दिया है।

पूरा मामला एक धोखाधड़ी के केस से जुड़ा है। बैंक ऑफ इंडिया की गहो शाखा से संतोष कुमार द्विवेदी ने 2021 में करीब 9.14 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया था। आरोप है कि बैंक वैल्युअर सत्य प्रकाश सोनी ने सोने की कीमत बढ़ा-चढ़ाकर बताई थी। जब लोन की किस्तें नहीं भरी गईं, तो पता चला कि सोने की असली कीमत सिर्फ 1.35 लाख रुपये थी। इस मामले में बैंक मैनेजर ने रहीमाबाद थाने में फ्रॉड की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इस केस की जांच SI Guddu Prasad कर रहे थे। पीड़ित विष्णु कुमार द्विवेदी का आरोप है कि दरोगा ने उन्हें बचाने के बदले 1.5 लाख रुपये की मांग की। वायरल वीडियो में यह बात सामने आई कि रिश्वत की रकम 1 लाख रुपये पर तय हुई थी। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि 17 मई को दरोगा ने उनके बेटे Shantanu को घर से उठाकर पीटा और 25 हजार रुपये लेने के बाद ही उसे छोड़ा।

दरोगा ने कथित तौर पर यह तक कह दिया कि उसकी सैलरी से गुजारा नहीं होता है। पीड़ित परिवार ने इस प्रताड़ना के खिलाफ मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई थी। अब पुलिस कमिश्नर ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच ACP Aliganj को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दरोगा के खिलाफ आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।