Lucknow में अकीदत के साथ मनाई जा रही ईद-ए-गदीर, बड़ा इमामबाड़ा रोशनी से जगमगाया
UP: लखनऊ में शिया समुदाय द्वारा ईद-ए-गदीर का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर शहर के विभिन्न हिस्सों में विशेष मजलिसों और महफिलों का आयोजन किया गया है। लोग नए कपड़े पहनकर और इत्र लगाकर इबादत
UP: लखनऊ में शिया समुदाय द्वारा ईद-ए-गदीर का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर शहर के विभिन्न हिस्सों में विशेष मजलिसों और महफिलों का आयोजन किया गया है। लोग नए कपड़े पहनकर और इत्र लगाकर इबादत में जुटे हैं।
ईद-ए-गदीर का महत्व और परंपराएं क्या हैं?
मौलाना यासूब अब्बास ने बताया कि इस दिन पैगंबर मोहम्मद ने हजरत अली को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। इस खास दिन पर शिया समुदाय के लोग नए कपड़े पहनते हैं, घरों और इमामबाड़ों में रोशनी करते हैं और गरीबों में खाना व दान बांटते हैं। श्रद्धालु जियारत-ए-अमीनल्लाह और दुआ-ए-नदबा का पाठ कर रहे हैं।
प्रशासन ने सुरक्षा और सजावट के क्या इंतजाम किए हैं?
एडीएम पूर्वी महेंद्र पाल सिंह के मुताबिक, पर्व को देखते हुए बड़ा इमामबाड़ा और आसपास की इमारतों पर विशेष लाइटिंग की गई है। मौलाना कल्बे जवाद और अन्य उलमा की मांग पर वक्फ ट्रस्ट की संपत्तियों में साफ-सफाई का काम पूरा कर लिया गया है। प्रशासन का पूरा जोर इस आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर है।
आयोजन की तारीख और प्रमुख कार्यक्रम
मरकज़ी शिया चांद कमेटी के सदर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी ने 5 जून को ईद-ए-गदीर का ऐलान किया था, जबकि 6 जून को भी लखनऊ में इसे अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। मस्जिद-ए-कूफा में विशेष नमाज़ अदा की गई और अल-मोमिन कल्चरल फाउंडेशन जैसे संगठनों ने महफिलें आयोजित कीं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में ईद-ए-गदीर कब मनाई गई?
लखनऊ में ईद-ए-गदीर 5 और 6 जून 2026 को मनाई गई। मरकज़ी शिया चांद कमेटी ने 5 जून का ऐलान किया था।
इस मौके पर प्रशासन ने क्या व्यवस्थाएं की हैं?
एडीएम पूर्वी महेंद्र पाल सिंह के अनुसार, बड़ा इमामबाड़ा और आसपास की इमारतों में लाइटिंग की गई है और साफ-सफाई सुनिश्चित की गई है।