UP: लखनऊ के चिनहट इलाके में नाले की सफाई के दौरान एक कर्मचारी की जान चली गई। यह हादसा 5 जून 2026 को चिनहट बाजार के पास हुआ, जहां जहरीली गैस की वजह से कर्मचारी बेहोश हो गया और उसकी मौत हो गई। इस घटना में तीन अन्य कर्मचारी
UP: लखनऊ के चिनहट इलाके में नाले की सफाई के दौरान एक कर्मचारी की जान चली गई। यह हादसा 5 जून 2026 को चिनहट बाजार के पास हुआ, जहां जहरीली गैस की वजह से कर्मचारी बेहोश हो गया और उसकी मौत हो गई। इस घटना में तीन अन्य कर्मचारी भी बीमार हुए, जिन्हें इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
यह पूरा काम नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग की निगरानी में चिनहट प्रथम वार्ड में चल रहा था। स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी को बिना किसी सेफ्टी गियर या सुरक्षा उपकरण के मैनहोल में उतारा गया। अधिशासी अभियंता Atul Mishra ने एक कर्मचारी की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, नगर आयुक्त Gaurav Kumar से इस मामले में संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।
नियमों की अनदेखी और मुआवजे का प्रावधान
भारत में PEMSR Act 2013 के तहत हाथ से मैला ढोने पर पूरी तरह पाबंदी है। नियमों के मुताबिक मैनहोल में उतरने से पहले गैस डिटेक्टर से ऑक्सीजन लेवल की जांच और मास्क व सेफ्टी बेल्ट का इस्तेमाल जरूरी है। उत्तर प्रदेश सरकार और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, ऐसी दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिजनों को 30 लाख रुपये का मुआवजा देने का प्रावधान है।
मशीनीकरण की घोषणा और जमीनी हकीकत
फरवरी 2023 में नगर विकास मंत्री A.K. Sharma ने कहा था कि मौतों को रोकने के लिए ‘मैनहोल’ का नाम बदलकर ‘मशीन होल’ किया जाएगा और रोबोट से सफाई होगी। इसके बावजूद चिनहट की यह घटना दिखाती है कि अभी भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है। स्थानीय लोग अब इस मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ की इस घटना में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस हादसे में एक सफाई कर्मचारी की मौत हो गई और तीन अन्य कर्मचारी बीमार हुए, जिन्हें अस्पताल में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
सीवर सफाई में मौत होने पर मुआवजे का क्या नियम है?
दिसंबर 2023 के निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मृत्यु होने पर परिजनों को 30 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।