UP: लखनऊ के अलीगंज स्थित प्रेक्षागार में बुजुर्गों के सम्मान और उनकी सुरक्षा को लेकर एक खास संगोष्ठी हुई। यह कार्यक्रम ‘विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता माह’ के मौके पर गाइड समाज कल्याण संस्थान और गिरी विका
UP: लखनऊ के अलीगंज स्थित प्रेक्षागार में बुजुर्गों के सम्मान और उनकी सुरक्षा को लेकर एक खास संगोष्ठी हुई। यह कार्यक्रम ‘विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता माह’ के मौके पर गाइड समाज कल्याण संस्थान और गिरी विकास अध्ययन संस्थान ने मिलकर आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मकसद वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
बुजुर्गों के लिए सरकार के नए नियम और कड़े कदम
उत्तर प्रदेश सरकार ‘माता-पिता तथा वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014’ में बदलाव करने जा रही है। नए प्रस्ताव के मुताबिक, जो बच्चे अपने बूढ़े माता-पिता को परेशान करेंगे या उन्हें दुख पहुँचाएंगे, उन्हें उनके जीवनकाल में ही संपत्ति से बेदखल किया जा सकेगा। इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। साथ ही, सरकार बुजुर्गों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए 5 करोड़ रुपये की ‘वरिष्ठ नागरिक कल्याण निधि’ भी बनाने जा रही है।
मदद के लिए हेल्पलाइन और सरकारी सुविधाएं
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने साफ किया है कि जिन बुजुर्गों को उनके परिवार ने अधिकारों से वंचित किया है, उन्हें उपजिलाधिकारी और पुलिस की मदद से वापस घर भेजा जाएगा। बुजुर्गों की मदद के लिए सरकार ने कई इंतजाम किए हैं:
- एल्डर हेल्पलाइन: 14567 नंबर पर सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक शिकायत की जा सकती है।
- सीनियर सिटीजन सेल: लखनऊ के डालीगंज में जेसीपी कानून व्यवस्था दफ्तर में यह सेल मौजूद है, जिसका नंबर 9454403882 है।
- वृद्धाश्रम सुविधा: प्रदेश के 75 जिलों के वृद्धाश्रमों में 6,055 से ज्यादा बेघर बुजुर्गों को मुफ्त भोजन और इलाज दिया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बुजुर्ग अपनी शिकायत कहाँ और कैसे दर्ज करा सकते हैं?
बुजुर्ग समाज कल्याण विभाग की हेल्पलाइन 14567 पर सुबह 7 से रात 8 बजे तक कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा लखनऊ के लोग डालीगंज स्थित सीनियर सिटीजन सेल के नंबर 9454403882 पर संपर्क कर सकते हैं।
माता-पिता को परेशान करने वाले बच्चों के खिलाफ क्या नया नियम आ रहा है?
प्रस्तावित संशोधन के तहत, जो बच्चे अपने बुजुर्ग माता-पिता को दुख पहुँचाएंगे, उन्हें उनके जीवनकाल में ही संपत्ति से बेदखल किया जा सकेगा।