Lucknow में बीज विक्रेताओं के लिए बड़ी खबर, 31 जुलाई तक ‘साथी’ पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी वरना रद्द होगा लाइसेंस

Lucknow: राजधानी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बीज बेचने वाले व्यापारियों के लिए सरकार ने कड़े नियम लागू किए हैं। अब सभी बीज उत्पादकों, प्रोसेसिंग यूनिट्स और विक्रेताओं को कृषि मंत्रालय के ‘साथी’ पोर

Lucknow: राजधानी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बीज बेचने वाले व्यापारियों के लिए सरकार ने कड़े नियम लागू किए हैं। अब सभी बीज उत्पादकों, प्रोसेसिंग यूनिट्स और विक्रेताओं को कृषि मंत्रालय के ‘साथी’ पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। अगर तय समय तक पंजीकरण नहीं हुआ, तो दुकान का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है।

लखनऊ, सुलतानपुर और गोंडा जैसे जिलों के लिए पंजीकरण की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है। वहीं चंदौली जिले के लिए यह तारीख 25 जुलाई 2026 रखी गई थी। 1 अगस्त 2026 से बीज का स्टॉक ट्रांसफर, बिक्री और वापसी का सारा काम सिर्फ ‘साथी’ पोर्टल के जरिए ही होगा। इसके बाद हाथ से लिखी रसीदों को मान्य नहीं माना जाएगा और किसानों को भी डिजिटल तरीके से ही भुगतान करना होगा।

पंजीकरण के लिए विक्रेताओं को अपने बीज लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार कार्ड, GST डिटेल और दुकान से जुड़े जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका ने बताया कि इस डिजिटल सिस्टम से बीज की पूरी सप्लाई चेन का रिकॉर्ड रहेगा, जिससे नकली बीजों की बिक्री पर रोक लगेगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।

गोरखपुर के जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजमंगल चौधरी ने भी सभी विक्रेताओं से जल्द से जल्द ऑनबोर्ड होने की अपील की है। उन्होंने साफ कहा कि पोर्टल पर दर्ज न होने वाले विक्रेता किसी भी तरह का बीज कारोबार नहीं कर पाएंगे। गोंडा जिले में स्थिति चिंताजनक रही है, जहां 1706 पंजीकृत विक्रेताओं में से अब तक केवल 90 ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है।