UP: लखनऊ शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शहर में 21 मई 2026 से 60 दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, जो 19 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगी। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा
UP: लखनऊ शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शहर में 21 मई 2026 से 60 दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, जो 19 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगी। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी किया गया है।
किन कामों के लिए लेनी होगी अनुमति
आने वाले त्योहारों जैसे बकरीद, बड़ा मंगल और मोहर्रम को देखते हुए पुलिस काफी सख्त है। अब शहर में किसी भी तरह के भंडारे, जुलूस, चल समारोह, मजलिस या संगीत कार्यक्रम के लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी होगा। बिना इजाजत के पांच या उससे ज्यादा लोगों का एक जगह इकट्ठा होना या सभा करना प्रतिबंधित रहेगा।
लाउडस्पीकर और हथियारों पर पाबंदी
प्रशासन ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है। साथ ही, दिव्यांगों को छोड़कर कोई भी व्यक्ति लाठी, डंडा, चाकू, तलवार, त्रिशूल या कोई भी ज्वलनशील चीज लेकर नहीं चलेगा। धार्मिक स्थलों की दीवारों पर बैनर, पोस्टर या झंडे लगाने पर भी पाबंदी रहेगी।
सुरक्षा के कड़े नियम और चेतावनी
| प्रतिबंधित गतिविधि |
नियम/पाबंदी |
| ड्रोन और शूटिंग |
सरकारी दफ्तरों के पास ड्रोन और विधान भवन के 1 किमी दायरे में शूटिंग बंद |
| छतों पर सामान |
ईंट, पत्थर, सोडा बोतल या विस्फोटक जमा करना मना है |
| धरना प्रदर्शन |
तय किए गए धरना स्थल के अलावा कहीं और प्रदर्शन नहीं होगा |
| अफवाहें |
सोशल मीडिया या अन्य माध्यम से अफवाह फैलाने पर सीधी जेल होगी |
यह पूरा आदेश संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार द्वारा जारी किया गया है। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट इन नियमों को सख्ती से लागू करने की जिम्मेदारी संभालेगी ताकि परीक्षाओं और त्योहारों के दौरान कोई विवाद न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में निषेधाज्ञा कब तक लागू रहेगी?
लखनऊ में निषेधाज्ञा 21 मई 2026 से लागू हुई है और यह 19 जुलाई 2026 तक, यानी कुल 60 दिनों तक प्रभावी रहेगी।
क्या धार्मिक आयोजनों के लिए अनुमति लेनी होगी?
हाँ, बकरीद, बड़ा मंगल, मोहर्रम जैसे त्योहारों के साथ-साथ भंडारे, जुलूस और मजलिस के लिए प्रशासन से पहले अनुमति लेना अनिवार्य है।