UP: उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ को एक बड़ा बिजनेस और ट्रांसपोर्ट हब बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए दिल्ली-NCR की तरह लखनऊ-स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) विकसित किया जाएगा। इस मेगा प्लान के तहत 2047 तक लखनऊ और उसके आसपास के 5 ज
UP: उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ को एक बड़ा बिजनेस और ट्रांसपोर्ट हब बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए दिल्ली-NCR की तरह लखनऊ-स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) विकसित किया जाएगा। इस मेगा प्लान के तहत 2047 तक लखनऊ और उसके आसपास के 5 जिलों में कनेक्टिविटी सुधारी जाएगी और 10 नए मेट्रो कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
लखनऊ-SCR योजना में कौन से जिले शामिल होंगे और क्या होगा खास
इस योजना के जरिए लखनऊ के साथ बाराबंकी, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर और हरदोई जिलों को जोड़ा जाएगा। सरकार ने इस क्षेत्र के विकास के लिए 29 बड़ी परियोजनाएं मंजूर की हैं। यहाँ नए उद्योग, लॉजिस्टिक पार्क और फूड पार्क बनाए जाएंगे। साथ ही ‘राज्य राजधानी माला’ नाम से एक सड़क नेटवर्क तैयार होगा जिससे इन छहों जिलों के बीच आना-जाना आसान हो जाएगा।
मेट्रो के 10 नए कॉरिडोर और उनके रूट क्या होंगे
लखनऊ में करीब 150 किलोमीटर का नया मेट्रो नेटवर्क बिछाया जाएगा। इसके लिए UPMRC को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इन कॉरिडोर से एयरपोर्ट, आईआईएम, चारबाग और इंदिरा नगर के साथ-साथ जानकीपुरम और बाराबंकी रोड जैसे इलाके भी जुड़ेंगे।
| मेट्रो कॉरिडोर रूट |
अनुमानित लंबाई (किमी) |
| कल्ली पश्चिम से आईआईएम |
45 |
| राजाजीपुरम से आईआईएम |
18.42 |
| चारबाग से कल्ली पश्चिम |
13 |
| इंदिरा नगर से सीजी सिटी |
7.7 |
| इंदिरा नगर से अनौरा कला |
9.27 |
| सीसीएस एयरपोर्ट से बंथरा |
11 |
| मुंशीपुलिया से जानकीपुरम |
6.29 |
| सीजी सिटी से एयरपोर्ट |
19.8 |
| कल्ली पश्चिम से मोहनलालगंज |
6 |
| अनौरा कला से बाराबंकी |
14 |
ऑर्बिटल रेल और अन्य बड़े अपडेट्स
लखनऊ के बाहरी इलाकों को जोड़ने के लिए 170 किलोमीटर लंबा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसके लिए केंद्र सरकार ने 7,500 करोड़ रुपये दिए हैं। इसे 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, पूरे राज्य में 2047 तक 1,575 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क बनाने का प्लान है, जिसमें लखनऊ में 225 किमी, कानपुर में 200 किमी और आगरा में 100 किमी का विस्तार शामिल है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ-SCR में कौन-कौन से जिले शामिल हैं?
लखनऊ-SCR में लखनऊ के साथ बाराबंकी, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर और हरदोई जिले शामिल किए गए हैं ताकि इन्हें एक बड़े ट्रांसपोर्ट हब से जोड़ा जा सके।
मेट्रो नेटवर्क का लक्ष्य क्या है?
UPMRC का लक्ष्य 2047 तक पूरे राज्य में 1,575 किमी मेट्रो नेटवर्क बनाना है, जिसमें से 790 किमी का काम 2035 तक पूरा करने की योजना है।