Lucknow में स्कूल खुलते ही परिवहन विभाग का एक्शन, 15 वाहनों का चालान और 2 सीज
Lucknow: गर्मी की छुट्टियों के बाद 1 जुलाई 2026 को जैसे ही स्कूल खुले, परिवहन विभाग ने सड़कों पर उतरकर सख्ती शुरू कर दी। शहर में बिना परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट के चल रहे स्कूली वाहनों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। इस अभिया
Lucknow: गर्मी की छुट्टियों के बाद 1 जुलाई 2026 को जैसे ही स्कूल खुले, परिवहन विभाग ने सड़कों पर उतरकर सख्ती शुरू कर दी। शहर में बिना परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट के चल रहे स्कूली वाहनों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। इस अभियान के पहले ही दिन 15 वाहनों का चालान काटा गया और दो वाहनों को सीज कर दिया गया।
यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा शुरू किए गए ‘Mission Safe Future’ अभियान के तहत की गई है। यह अभियान 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा, हालांकि कुछ रिपोर्ट के मुताबिक यह 31 जुलाई तक भी जारी रह सकता है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने निर्देश दिए हैं कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
अभियान के पहले चरण में 7 जुलाई तक नोटिस भेजने, जागरूकता फैलाने और वाहनों की फिजिकल जांच करने का काम किया जा रहा है। लेकिन अगर कोई गंभीर गड़बड़ी मिलती है, तो वाहन को तुरंत सीज किया जा सकता है। 8 जुलाई से सख्त कार्रवाई शुरू होगी, जिसमें नियम तोड़ने वाले वाहनों का संचालन बंद कराया जाएगा और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
नियमों के मुताबिक स्कूल बसों का रंग गोल्डन येलो होना चाहिए और उन पर ‘School Bus’ साफ लिखा होना चाहिए। इसके अलावा वाहनों में इमरजेंसी एग्जिट, स्टॉप सिग्नल आर्म, हजार्ड वार्निंग सिस्टम और दो किलो का ABC ड्राई पाउडर फायर एक्सटिंगुइशर होना अनिवार्य है। बसों की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
परिवहन विभाग ने अब UPISVMP पोर्टल भी शुरू किया है, जिस पर सभी स्कूलों को अपने वाहनों और ड्राइवरों की पूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। जांच अधिकारी वाहनों की फोटो पोर्टल पर अपलोड करेंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे। अगर कोई स्कूल लगातार लापरवाही बरतता है, तो उसकी मान्यता रद्द करने की सिफारिश भी की जा सकती है।