Lucknow में बिना फिटनेस और RC के दौड़ रहे स्कूली वाहन, नोटिस के बाद भी लापरवाही, बच्चों की सुरक्षा खतरे में

Lucknow: राजधानी की सड़कों पर बच्चों को स्कूल ले जाने वाले कई वाहन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। परिवहन विभाग की जांच में सामने आया है कि बड़ी संख्या में ऐसे स्कूली वाहन चल रहे हैं जिनकी आरसी (RC) एक्सपायर हो चुकी है।

Lucknow: राजधानी की सड़कों पर बच्चों को स्कूल ले जाने वाले कई वाहन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। परिवहन विभाग की जांच में सामने आया है कि बड़ी संख्या में ऐसे स्कूली वाहन चल रहे हैं जिनकी आरसी (RC) एक्सपायर हो चुकी है। विभाग ने नोटिस भेजने के बाद भी बहुत कम वाहनों को सरेंडर कराया है, जिससे छात्रों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान चलाया था। इस अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि सभी स्कूली वाहन फिटनेस और परमिट के नियमों का पूरी तरह पालन करें। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के निर्देश पर यह मुहिम शुरू की गई थी। पहले हफ्ते स्कूलों को कमियां सुधारने का मौका दिया गया था, जिसके बाद सख्त कार्रवाई की बात कही गई थी।

लखनऊ में इस अभियान के पहले ही दिन 12 वाहनों का चालान किया गया और दो वैन जब्त की गईं। अधिकारियों ने स्कूल मैनेजमेंट को 7 जुलाई तक कागजात पूरे करने की चेतावनी दी थी। लेकिन इसके बावजूद लापरवाही जारी रही। आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ में 493 वाहनों को अपने दस्तावेज पूरे करने थे, जिनमें से सिर्फ 225 ने ही नियमों का पालन किया। इसका मतलब है कि अभी भी 268 वाहन बिना वैध फिटनेस सर्टिफिकेट और इंश्योरेंस के सड़कों पर दौड़ रहे हैं।

RTO एनफोर्समेंट प्रभात पांडे ने बताया कि सभी वाहन मालिकों को नोटिस भेजे गए थे, लेकिन सिर्फ 64 स्कूलों ने हलफनामा देकर जल्द सुधार करने का वादा किया। अब उन 268 गैर-अनुपालन वाहनों के मालिकों को दूसरा नोटिस भेजा जा रहा है ताकि पता चल सके कि वे अभी भी स्कूल के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं या कंडम हो चुके हैं। विभाग अब इन वाहनों को जब्त करने के लिए एक विशेष अभियान चलाने पर विचार कर रहा है।

RTO एनफोर्समेंट प्रभात पांडे और ARTO प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को भेजने वाले वाहन के फिटनेस, इंश्योरेंस और प्रदूषण सर्टिफिकेट की जांच जरूर करें। साथ ही ड्राइवर की पूरी जानकारी रखें ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।