Lucknow में स्कूली बच्चों की सुरक्षा खतरे में, पॉक्सो और मर्डर केस वाले 537 चालक चला रहे वाहन
Lucknow: राजधानी लखनऊ में स्कूली बच्चों को घर से स्कूल ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शहर में 537 ऐसे वाहन चालक मिले हैं जिनके खिलाफ पॉक्सो और हत्या जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सबसे चि
Lucknow: राजधानी लखनऊ में स्कूली बच्चों को घर से स्कूल ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शहर में 537 ऐसे वाहन चालक मिले हैं जिनके खिलाफ पॉक्सो और हत्या जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि पुलिस और परिवहन विभाग के पास इन चालकों की पूरी जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
यह चौंकाने वाली जानकारी स्मार्ट सिटी परियोजना के ‘मिशन भरोसा’ पोर्टल पर मिली। जब स्कूल वाहनों के विवरण दर्ज किए गए और पुलिस सत्यापन हुआ, तब पता चला कि कई चालकों के खिलाफ सात से आठ अलग-अलग धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। मिशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आलोक सिंह ने बताया कि सत्यापन के दौरान कुल 2,370 चालकों की जांच हुई थी, जिनमें से 524 चालकों की रिपोर्ट प्रतिकूल पाई गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 अगस्त 2026 को महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि स्कूल वाहनों की फिटनेस और चालकों के सत्यापन पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वहीं, लखनऊ के एआरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडे ने 29 जुलाई 2026 को कहा था कि अगर कोई आपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति स्कूल वाहन चलाते पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
परिवहन विभाग ने 1 से 15 जुलाई 2026 तक ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान भी चलाया था। इसका मकसद राज्यभर में स्कूल वाहनों के फिटनेस और परमिट नियमों का 100% पालन कराना था। इसके अलावा, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 22 जुलाई 2026 को स्कूलों को चेतावनी दी थी कि वे परिसर के बाहर भीड़ कम करने के लिए ट्रैफिक मार्शल तैनात करें, वरना कार्रवाई होगी। डीसीपी ट्रैफिक को उन स्कूलों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है जिन्होंने अब तक मार्शल नियुक्त नहीं किए हैं।