Lucknow में सावन की शुरुआत, मंदिरों में उमड़ी भीड़; ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया डायवर्जन प्लान
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार, 30 जुलाई 2026 से सावन मास की शुरुआत हो गई है। इस पवित्र महीने के पहले दिन ही शहर के तमाम शिवालयों में भक्तों का तांता लग गया है। लोग सुबह से ही जलाभिषेक और पूजा-पाठ के ल
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार, 30 जुलाई 2026 से सावन मास की शुरुआत हो गई है। इस पवित्र महीने के पहले दिन ही शहर के तमाम शिवालयों में भक्तों का तांता लग गया है। लोग सुबह से ही जलाभिषेक और पूजा-पाठ के लिए मंदिरों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे कई जगहों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं।
माल विकास खंड के ग्राम पंचायत नरायनपुर स्थित सुक्खाखेड़ा गांव के प्राचीन चिरंजीवी नाथ शिव मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी है। यहां आसपास के इलाकों और दूर-दराज से सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा शहर के प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर में भी भक्तों का भारी उत्साह देखा गया, जहां सुबह से ही जलाभिषेक के लिए लंबी लाइनें लगी रहीं।
श्रद्धालुओं की इस भारी भीड़ को देखते हुए लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक के लिए एक व्यापक डायवर्जन प्लान लागू किया है। डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने बताया कि बुद्धेश्वर मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, सिद्धनाथ मंदिर और कोनेश्वर मंदिर के आसपास यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, एम्बुलेंस, फायर सर्विस, शव वाहन और स्कूली वाहनों को जरूरत पड़ने पर प्रतिबंधित रास्तों से निकलने की अनुमति दी जाएगी। किसी भी ट्रैफिक संबंधी मदद के लिए नागरिक कंट्रोल रूम नंबर 9454405155 पर संपर्क कर सकते हैं।
नगर निगम की ओर से भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। महापौर सुषमा खर्कवाल ने कोनेश्वर महादेव और बुद्धेश्वर महादेव मंदिर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंदिरों के आसपास सफाई, पीने के पानी, रोशनी और ट्रैफिक मैनेजमेंट का खास ख्याल रखा जाए ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
सावन मास 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान लोग सात्विक जीवन अपनाते हैं, तामसिक भोजन और नशीली चीजों से परहेज करते हैं और प्रतिदिन शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं।