Lucknow में गौरैया को बचाने की पहल, आशियाना में लोगों को बांटे गए स्पैरो हाउस

Lucknow: राजधानी के आशियाना इलाके में शनिवार को ‘सेव स्पैरो कैंपेन’ की शुरुआत की गई। इस अभियान का मकसद शहर से गायब होती गौरैया की चहचहाहट को वापस लाना है। कार्यक्रम के दौरान लोगों को गौरैया संरक्षण का संदेश द

Lucknow: राजधानी के आशियाना इलाके में शनिवार को ‘सेव स्पैरो कैंपेन’ की शुरुआत की गई। इस अभियान का मकसद शहर से गायब होती गौरैया की चहचहाहट को वापस लाना है। कार्यक्रम के दौरान लोगों को गौरैया संरक्षण का संदेश दिया गया और उन्हें स्पैरो हाउस बांटे गए ताकि पक्षी सुरक्षित घोंसला बना सकें।

यह पहल अब एक जन अभियान का रूप ले रही है क्योंकि शहरीकरण और प्रदूषण की वजह से गौरैया की संख्या तेजी से कम हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक कांच के मकानों में इन पक्षियों को घोंसला बनाने की जगह नहीं मिलती, जिससे उनकी आबादी घट रही है।

लखनऊ में गौरैया को बचाने के लिए पिछले कुछ समय से कई प्रयास किए जा रहे हैं। मार्च 2026 में विश्व गौरैया दिवस के मौके पर भी विशेष अभियान चलाए गए थे। उस दौरान ADCP चिरंजीव नाथ सिन्हा ने अभियान का नेतृत्व किया था और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इसे हरी झंडी दिखाई थी। साथ ही, नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।

पर्यावरण विशेषज्ञों और राज्य मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने बताया कि गौरैया हमारे ईकोसिस्टम के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यह कीटों को खाकर पर्यावरण की रक्षा करती है। उन्होंने लोगों से अपनी छतों पर पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने और नियमित रूप से पानी बदलने की सलाह दी है। प्राणी उद्यान के निदेशक संजय कुमार बिश्वाल ने भी कीटनाशकों के कम इस्तेमाल और घोंसले लगाने पर जोर दिया ताकि इन छोटे पक्षियों को बचाया जा सके।