UP: लखनऊ के सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के शांति नगर में सरकारी जमीन पर पार्क बनाने की मांग तेज हो गई है। क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस काम को आगे बढ़ाते हुए नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि इ
UP: लखनऊ के सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के शांति नगर में सरकारी जमीन पर पार्क बनाने की मांग तेज हो गई है। क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस काम को आगे बढ़ाते हुए नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि इस जमीन पर जल्द पार्क बनाया जाए और इसे अवैध कब्जे से बचाया जाए।
विधायक ने क्यों लिखा पत्र और क्या है मांग
शांति नगर इलाके में सरकारी जमीन खाली पड़ी है, जिस पर स्थानीय लोग पार्क चाहते हैं। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने नगर आयुक्त से अपील की है कि इस भूमि पर जल्द से जल्द पार्क का निर्माण कराया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन इस जमीन पर होने वाले किसी भी तरह के अतिक्रमण को तुरंत रोके ताकि आम जनता को खुली जगह मिल सके।
सरोजनीनगर में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई
लखनऊ नगर निगम और जिला प्रशासन सरोजनीनगर क्षेत्र में सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने सभी उप जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि शासकीय भूमियों का संरक्षण किया जाए और भूमाफियाओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
क्षेत्र में पिछले कुछ समय में कई बड़ी कार्रवाइयां हुई हैं:
- अप्रैल 2026 में हरिहरपुर गांव से 50,000 वर्ग फुट जमीन मुक्त कराई गई, जहां 12 अवैध प्लॉट गिराए गए।
- औरंगाबाद जागीर और अशरफ नगर में करीब 7.75 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन कब्जा मुक्त हुई।
- जनवरी 2026 में अमौसी, हरिहरपुर और बिरूरा से 1.5967 हेक्टेयर जमीन छुड़ाई गई।
- दिसंबर 2024 में कल्ली पश्चिम और हैवतमऊ मवैया से 3.16 हेक्टेयर सरकारी जमीन मुक्त कराई गई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शांति नगर में पार्क निर्माण की मांग किसने की है
सरोजनीनगर के क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर शांति नगर में सरकारी भूमि पर पार्क बनाने और अतिक्रमण रोकने की मांग की है।
सरोजनीनगर में सरकारी जमीन बचाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं
जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार के निर्देश पर नगर निगम और प्रशासन ने कई अभियान चलाए हैं, जिनमें हरिहरपुर और अमौसी जैसे इलाकों से करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराई गई है।