Lucknow में संत कबीर की 639वीं जयंती मनाई गई, दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
Lucknow: राजधानी लखनऊ के उद्यान विभाग प्रेक्षागृह में सोमवार, 29 जून 2026 को संत कबीर की 639वीं जयंती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया और संत कबीर के विचारों को याद करते हुए उन्ह
Lucknow: राजधानी लखनऊ के उद्यान विभाग प्रेक्षागृह में सोमवार, 29 जून 2026 को संत कबीर की 639वीं जयंती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया और संत कबीर के विचारों को याद करते हुए उन्हें नमन किया। कार्यक्रम का आयोजन KGMU के प्रोफेसर हरि राम ने किया था।
इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व पुलिस महानिदेशक और राज्यसभा सांसद बृज लाल मौजूद रहे, जिन्होंने गौतम बुद्ध और संत कबीर के जीवन के बारे में विस्तार से बताया। विशिष्ट अतिथि के तौर पर लखनऊ की मुख्य कोषाधिकारी साधना कोरी शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर हरि राम ने कहा कि संत कबीर ने दुनिया को प्रेम का रास्ता दिखाया था और आज के समय में भी प्रेम के जरिए ही दुनिया में शांति लाई जा सकती है।
कार्यक्रम में कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। इनमें महावीर प्रसाद, बिक्री कर उपायुक्त केपी चौधरी, उत्तर प्रदेश कोरी/कोली समाज के अध्यक्ष भगवान दिन शंखवार, भंते दीपांकर, प्रतापगढ़ के कोरी समाज के जिलाध्यक्ष राजा राम कोरी, उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सरजू राम राव, उत्तर प्रदेश कोरी संस्थान के अध्यक्ष राम सजीवन कोरी और अरविंद शाक्य शामिल थे। पूरी सभा का संचालन गन्ना संस्थान के रिटायर्ड उप निदेशक नवल किशोर कमल ने किया।
इसी बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी प्रदेशवासियों को कबीर जयंती की बधाई दी। उन्होंने कहा कि संत कबीर ने समाज को अंधविश्वास और जात-पात से मुक्त करने की दिशा दिखाई। मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि अगले साल भिवानी में संत कबीर जयंती का राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा।
इसके अलावा, संत कबीर अकादमी मगहर ने 27 से 29 जून तक मगहर, गाजीपुर और वाराणसी में ‘निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव’ का आयोजन किया, जिसमें देश भर के विद्वान और कलाकार जुटे। वहीं, उत्तर प्रदेश के शामली और सीतापुर सहित नेपाल के सतलोक आश्रमों में संत रामपाल जी महाराज के नेतृत्व में 629वां कबीर साहेब प्रकट दिवस मनाया गया, जहां रक्तदान शिविर और भंडारे जैसे सामाजिक कार्य किए गए। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इस अवसर पर भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।