UP : लखनऊ में पिछले कुछ दिनों में सफाई कर्मचारियों के साथ हिंसा और उनकी मौत की कई दुखद घटनाएं सामने आई हैं। कहीं कर्मियों को काम के दौरान पीटा गया तो कहीं जहरीली गैस और हमले ने उनकी जान ले ली। इन घटनाओं के बाद शहर के सफा
UP : लखनऊ में पिछले कुछ दिनों में सफाई कर्मचारियों के साथ हिंसा और उनकी मौत की कई दुखद घटनाएं सामने आई हैं। कहीं कर्मियों को काम के दौरान पीटा गया तो कहीं जहरीली गैस और हमले ने उनकी जान ले ली। इन घटनाओं के बाद शहर के सफाई कर्मचारियों में काफी गुस्सा है और उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सफाई कर्मियों के साथ मारपीट की घटनाएं क्या हैं
लखनऊ के Yahiyaganj इलाके में नीरज कुमार नाम के एक सफाई कर्मी को तब पीटा गया जब उन्होंने एक महिला को सड़क पर कचरा फेंकने से रोका था। आरोप है कि महिला ने अपने परिचित आरिफ और एक अन्य व्यक्ति को बुलाकर नीरज के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इसके अलावा Ashiana इलाके में नाली की सफाई को लेकर अरुण विश्वकर्मा के साथ विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
मौत और हत्या के गंभीर मामले
9 मई 2026 को SGPGI में तैनात एक संविदा सफाई कर्मी सूरज गौतम की हत्या कर दी गई। उनका शव अशरफ नगर गांव के पास एक खाली प्लॉट में मिला। पुलिस ने फॉरेंसिक सबूत जुटाए हैं और जांच शुरू कर दी है। वहीं 8 मई को Nabi Panah गांव में रिंकू और राजेश नाम के दो मजदूर सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की वजह से दम घुटने से मर गए। इस हादसे में सुरक्षा उपकरणों की कमी सामने आई है।
प्रशासन और पुलिस का क्या कहना है
पुलिस ने सभी मामलों में शिकायतें दर्ज कर ली हैं और आरोपियों की तलाश जारी है। सेप्टिक टैंक हादसे के बाद एसडीएम अंकित मौर्य ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देने का भरोसा दिया है। वहीं SGPGI कर्मी की हत्या के मामले में पुलिस ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, उनका विरोध जारी रहेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में सफाई कर्मियों के साथ मारपीट की घटना क्यों हुई
Yahiyaganj इलाके में नीरज कुमार ने एक महिला को सड़क पर कचरा फेंकने से रोका था, जिसके बाद महिला और उसके साथियों ने उनके साथ मारपीट की।
सेप्टिक टैंक हादसे में कितने लोगों की जान गई
Nabi Panah गांव में रिंकू और राजेश नाम के दो मजदूरों की जहरीली गैस के कारण मौत हो गई, क्योंकि वे बिना सुरक्षा उपकरणों के टैंक साफ कर रहे थे।