UP: लखनऊ शहर को स्वच्छता रैंकिंग में देश का नंबर 1 शहर बनाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री AK Sharma ने साफ किया है कि अब केवल सरकारी कोशिशें काफी नहीं हैं, बल्कि इसे एक जन आंदोलन बनाना होगा। श
UP: लखनऊ शहर को स्वच्छता रैंकिंग में देश का नंबर 1 शहर बनाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री AK Sharma ने साफ किया है कि अब केवल सरकारी कोशिशें काफी नहीं हैं, बल्कि इसे एक जन आंदोलन बनाना होगा। शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए सीवेज सिस्टम को मजबूत करने और आम लोगों को इस मुहिम से जोड़ने पर मुख्य फोकस रहेगा।
स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने ‘स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ’ अभियान के तहत 413 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत की है। इन प्रोजेक्ट्स का मकसद शहर के ड्रेनेज सिस्टम और कचरा प्रबंधन को आधुनिक बनाना है। मेयर Sushma Kharkwal ने बताया कि डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए 1,500 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है और 35 ट्रांसफर स्टेशन बनाए गए हैं।
अधिकारियों को सख्त निर्देश और बजट का आवंटन
मंत्री AK Sharma ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 और RRR (Reduce, Reuse, Recycle) मॉडल को सख्ती से लागू करने को कहा है। राज्य सरकार ने शहरी बुनियादी ढांचे को बदलने के लिए बजट 2026-27 में 26,514 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
पिछली रैंकिंग और मौजूदा चुनौतियां
Lucknow ने 2022 में 41वें स्थान से लंबी छलांग लगाकर 2024-25 के स्वच्छ शहर अवार्ड्स में मिलियन-प्लस आबादी वाले शहरों में तीसरा स्थान हासिल किया था। हालांकि, शहर में अभी भी कचरे के खुले ढेर, खराब स्ट्रीट लाइट और शिकायतों के निपटारे में देरी जैसी समस्याएं हैं। इन कमियों को दूर करने के लिए नगर निगम अब प्राइवेट कंपनियों पर सख्ती कर रहा है और लापरवाही पर जुर्माना लगा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ की वर्तमान स्वच्छता रैंकिंग क्या है
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में लखनऊ ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में तीसरा स्थान प्राप्त किया है, जो अहमदाबाद और भोपाल के बाद आता है।
सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए कितना बजट दिया गया है
उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरी बुनियादी ढांचे के बदलाव के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में कुल 26,514 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।