UP: लखनऊ नगर निगम मुख्यालय में आयोजित ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ में आम जनता की शिकायतों का निपटारा नहीं हो पाया। लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें समाधान के बजाय केवल आश्वासन मिला। कई शिकायतकर्ता ऐसे
UP: लखनऊ नगर निगम मुख्यालय में आयोजित ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ में आम जनता की शिकायतों का निपटारा नहीं हो पाया। लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें समाधान के बजाय केवल आश्वासन मिला। कई शिकायतकर्ता ऐसे थे जो पिछले कई महीनों से अपनी समस्या लेकर आ रहे थे, लेकिन इस बार भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
समाधान दिवस में किन समस्याओं को लेकर पहुंचे लोग?
इस कार्यक्रम में शहर के अलग-अलग इलाकों से लोग हाउस टैक्स, वाटर टैक्स, टूटी सड़कें और जलभराव जैसी समस्याओं की शिकायत करने पहुंचे थे। साईं विहार कॉलोनी की हेमा और अन्य निवासी पिछले तीन साल से नालियों की कमी के कारण सड़क पर पानी भरने की शिकायत कर रहे हैं। वहीं, प्रकाश चंद्र अपनी टूटी सड़क और जल निकासी की समस्या को लेकर पांचवीं बार आए थे। उगर्सन ने शिकायत की कि उन्हें पानी की सप्लाई नहीं मिल रही है, फिर भी उनसे वाटर टैक्स मांगा जा रहा है।
कौन-कौन से अधिकारी मौजूद रहे और क्या रहा नतीजा?
इस सत्र की अध्यक्षता मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने की। इनके साथ ही सभी अतिरिक्त नगर आयुक्त, मुख्य कर अधिकारी, जोनल ऑफिसर और सभी विभागों के प्रमुख मौजूद थे। बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी की वजह से यह सत्र पहले शुक्रवार के बजाय 8 मई को आयोजित किया गया था। सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चले इस कार्यक्रम में अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद शिकायतों का ठोस समाधान नहीं निकला और लोग निराश होकर लौटे।
सरकारी आदेश और अधिकारियों की जवाबदेही
दूसरी तरफ, मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने 8 मई को एक सरकारी आदेश जारी किया है। इसमें साफ कहा गया है कि प्रशासनिक अधिकारी सांसदों और विधायकों का सम्मान करें, उनके फोन उठाएं और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करें। नियमों का पालन न करने वालों पर ‘उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली’ के तहत कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जनसुनवाई में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर नजर रख रहे हैं और CMO सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसकी निगरानी कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नगर निगम में संपूर्ण समाधान दिवस कब आयोजित होता है?
यह आमतौर पर हर महीने के पहले शुक्रवार को होता है, लेकिन मई 2026 में बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी के कारण इसे दूसरे शुक्रवार यानी 8 मई को आयोजित किया गया था।
जनसुनवाई को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) का क्या निर्देश है?
CMO वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलाधिकारियों और एसएसपी की जनसुनवाई की निगरानी कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अधिकारी समय पर मौजूद हैं और शिकायतों का निपटारा कर रहे हैं।