UP : लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर के एक पेट्रोल पंप पर पहुंचकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और ईंधन के दाम त
UP : लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर के एक पेट्रोल पंप पर पहुंचकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और ईंधन के दाम तुरंत कम करने की मांग की। आम जनता पर बढ़ते महंगाई के बोझ को लेकर सपा नेताओं ने सरकार को घेरा है।
ईंधन की कीमतों में कितनी हुई बढ़ोतरी
15 मई 2026 को देशभर में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ा दिए गए। लखनऊ में पेट्रोल की कीमत 2.84 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 3.01 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई है। तेल कंपनियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों में उछाल और अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष जैसे तनावों की वजह से यह कदम उठाया गया है।
सपा और भाजपा ने इस मुद्दे पर क्या कहा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि अब आगे बढ़ने के लिए साइकिल ही एकमात्र विकल्प है। सांसद राजीव राय ने आरोप लगाया कि सस्ते कच्चे तेल का फायदा जनता को नहीं दिया गया। वहीं, भाजपा प्रवक्ता विवेक मिश्रा ने कहा कि सरकार ने लंबे समय तक लोगों को वैश्विक संकट से बचाया और यह वृद्धि बहुत सीमित है। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इसे वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण जरूरी बताया है।
आने वाले दिनों में क्या होगा विरोध प्रदर्शन
समाजवादी पार्टी ने लखनऊ के अलावा 16 मई को अयोध्या में भी प्रदर्शन किया था। अब 20 मई 2026 को सीपीएम, सीपीआई और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन जैसे वामपंथी दल पूरे राज्य में ईंधन मूल्य वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।
| ईंधन का प्रकार |
कीमत में वृद्धि (लखनऊ) |
| पेट्रोल |
₹2.84 प्रति लीटर |
| डीजल |
₹3.01 प्रति लीटर |
| CNG |
₹2 प्रति किलोग्राम |
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में पेट्रोल और डीजल के दाम कितने बढ़े हैं?
लखनऊ में पेट्रोल की कीमत में 2.84 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 3.01 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
ईंधन की कीमतें बढ़ने का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा कीमतों में उछाल और अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष जैसे भू-राजनीतिक तनाव इसका मुख्य कारण हैं।