UP: लखनऊ पुलिस ने शहर में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘सेफ राइड प्रोजेक्ट’ (Safe Ride Project) को और तेज कर दिया है। इस मुहिम के तहत अब तक 248 तीन पहिया यात्री वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। पुलिस
UP: लखनऊ पुलिस ने शहर में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘सेफ राइड प्रोजेक्ट’ (Safe Ride Project) को और तेज कर दिया है। इस मुहिम के तहत अब तक 248 तीन पहिया यात्री वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। पुलिस का मुख्य मकसद ऑटो और ई-रिक्शा चलाने वाले ड्राइवरों का वेरिफिकेशन करना है ताकि आम लोग बिना किसी डर के सफर कर सकें।
चेकिंग अभियान में कितने वाहनों पर हुई कार्रवाई
गुरुवार रात लखनऊ पुलिस ने पूरे शहर में तीन पहिया वाहनों की सघन चेकिंग की। इस अभियान के दौरान रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मुख्य चौराहों पर करीब 3400 वाहनों की जांच की गई। पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 688 वाहनों के चालान काटे और 18 वाहनों को जब्त कर लिया। जॉइंट सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) बबलू कुमार ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस लगातार इस अभियान को चला रही है।
जोन के हिसाब से चेकिंग का पूरा ब्योरा
| जोन |
कुल चेकिंग |
चालान |
जब्त वाहन |
रजिस्ट्रेशन |
| नदर्न जोन |
503 |
88 |
6 |
17 |
| सदर्न जोन |
762 |
226 |
1 |
1 |
| ईस्टर्न जोन |
669 |
158 |
8 |
38 |
| वेस्टर्न जोन |
723 |
83 |
2 |
0 |
| सेंट्रल जोन |
743 |
133 |
1 |
192 |
क्या है सेफ राइड प्रोजेक्ट और कैसे काम करता है QR कोड
यह प्रोजेक्ट लखनऊ पुलिस और RTO की एक संयुक्त पहल है। इसके तहत ऑटो और ई-रिक्शा मालिकों को आधिकारिक पोर्टल www.lucknowpolice.up.gov.in/erickshaw पर रजिस्ट्रेशन करना होता है और अपना चरित्र प्रमाण पत्र देना होता है। वेरिफिकेशन के बाद हर वाहन को एक यूनिक QR कोड मिलता है। यात्री इस कोड को स्कैन करके ड्राइवर और गाड़ी की जानकारी ले सकते हैं और इसे अपने परिवार के साथ शेयर भी कर सकते हैं। बिना QR कोड के चलने वाले वाहनों पर अब सख्त कार्रवाई की जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सेफ राइड प्रोजेक्ट के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
वाहन मालिक लखनऊ पुलिस के आधिकारिक पोर्टल www.lucknowpolice.up.gov.in/erickshaw पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने जरूरी दस्तावेज और चरित्र प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
यात्रियों के लिए QR कोड क्यों जरूरी है?
QR कोड स्कैन करने से यात्री को गाड़ी और ड्राइवर की पूरी जानकारी मिल जाती है। सुरक्षा के लिहाज से यात्री इस जानकारी को अपने रिश्तेदारों के साथ साझा कर सकते हैं।