Lucknow में सफाई कर्मियों की मौत पर भड़के NCSK उपाध्यक्ष, बोले- अधिकारियों की नालायकी और लापरवाही है जिम्मेदार
Lucknow: राजधानी लखनऊ में सफाई कर्मचारियों की लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन की पोल खोल दी है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ तौर पर कहा
Lucknow: राजधानी लखनऊ में सफाई कर्मचारियों की लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन की पोल खोल दी है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अधिकारियों की लापरवाही और सुरक्षा उपकरणों की कमी की वजह से सफाई कर्मी अपनी जान गंवा रहे हैं।
हरदीप सिंह गिल ने लखनऊ में सफाई कर्मचारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों के कल्याण, उनके अधिकारों की सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बिना सेफ्टी किट के काम करना जानलेवा साबित हो रहा है। जून 2026 में ही लखनऊ में दो बड़ी घटनाएं हुईं। 14 जून को KGMU परिसर में पानी की टंकी की सफाई के दौरान राहुल गौतम की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि 5 जून को चिनहट तिराहे के पास लालाराम नामक मजदूर की जहरीली गैस से दम घुटने के कारण जान चली गई। इससे पहले 8 मई को भी सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दो मजदूरों की मौत हुई थी।
इन घटनाओं को देखते हुए उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी सफाई कर्मचारियों का ‘नमस्ते’ पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाए ताकि उन्हें मुफ्त सैनिटेशन किट और सुरक्षा उपकरण मिल सकें। साथ ही उन्होंने पहचान पत्र जारी करने, ब्लड ग्रुप दर्ज करने और नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईपीएफ (EPF) का पैसा अनिवार्य रूप से जमा होना चाहिए और एक महीने के भीतर सफाई कर्मचारियों की सही संख्या और उनकी स्थिति का सर्वे पूरा किया जाए।
आयोग ने मैनुअल स्कैवेंजर्स निषेध अधिनियम, 2013 (MS Act) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पुलिस अधिकारियों को इस कानून के बारे में शिक्षित करने पर जोर दिया है। हरदीप सिंह गिल ने बताया कि आयोग सीवर में होने वाली मौतों का स्वतः संज्ञान लेता है और ऐसी स्थिति में 30 लाख रुपये के मुआवजे की सिफारिश करता है। वहीं विकलांगता होने पर 10 लाख से 20 लाख रुपये तक के मुआवजे का प्रावधान है।
सफाई कर्मचारियों के वेतन को लेकर भी नाराजगी है। 1 मई 2026 को कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया था क्योंकि उन्हें न्यूनतम वेतन 13,000 रुपये के बजाय केवल 8,200 रुपये दिए जा रहे थे। उपाध्यक्ष ने सभी विभागों में खाली पड़े पदों को जल्द भरने और हर तीन महीने में कल्याण समितियों की बैठक करने के निर्देश दिए हैं ताकि कर्मचारियों का उत्पीड़न रोका जा सके।