Lucknow में टैक्स चोरी की कोशिश नाकाम, डिलीवरी वैन को सरकारी वाहन बताकर बचाना चाहते थे पैसा
Lucknow: राजधानी लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ कार्यालय में टैक्स चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक कंपनी अपनी डिलीवरी वैन को सरकारी गाड़ी के रूप में रजिस्टर कराकर टैक्स बचाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन आरटीओ के
Lucknow: राजधानी लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ कार्यालय में टैक्स चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक कंपनी अपनी डिलीवरी वैन को सरकारी गाड़ी के रूप में रजिस्टर कराकर टैक्स बचाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन आरटीओ के कर्मचारियों की सतर्कता से यह धोखाधड़ी पकड़ी गई।
मामला ग्रीन सोलरटेक नाम की कंपनी से जुड़ा है। इस कंपनी ने अपनी टाटा एस डिलीवरी वैन (चेसिस नंबर MAT559068TZE13194) के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था। आवेदन में वाहन के मालिकाना हक वाले कॉलम में ‘सेंट्रल गवर्नमेंट’ लिखा गया था, ताकि सरकारी वाहन होने के नाते टैक्स न देना पड़े। जब आरटीओ कर्मियों ने कागजों की जांच की, तो यह गड़बड़ी पकड़ी गई और कंपनी से पूरा टैक्स वसूला गया।
इस पूरे मामले में गाड़ी बेचने वाले डीलर की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। परिवहन विभाग ने इस मामले की गहराई से जांच करने के लिए फाइल मुख्यालय भेज दी है।
दरअसल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने कई सेवाओं को फेसलेस कर दिया है, जिससे लोगों को आरटीओ ऑफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इसमें वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए ‘ऑटो अप्रूवल’ की जिम्मेदारी डीलरों को देने की तैयारी है। लेकिन अभी यह सिस्टम पूरी तरह लागू नहीं हुआ है, क्योंकि 1 अगस्त से स्मार्ट आरसी कार्ड बनने शुरू होंगे। अगर यह ऑटो अप्रूवल सिस्टम पहले से चालू होता, तो यह धोखाधड़ी पकड़ी नहीं जाती और सरकार को भारी राजस्व का नुकसान होता।