Lucknow में बाबासाहेब अंबेडकर के अस्थि कलश को हटाने की अफवाह पर बवाल, RPI ने किया प्रदर्शन

Lucknow: राजधानी लखनऊ में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के अस्थि कलश को विस्थापित करने की खबरों के बाद माहौल गरमा गया। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया (RPI) के कार्यकर्ताओं ने इस बात का कड़ा विरोध किया और सड़क पर उतरकर प्रदर्शन क

Lucknow: राजधानी लखनऊ में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के अस्थि कलश को विस्थापित करने की खबरों के बाद माहौल गरमा गया। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया (RPI) के कार्यकर्ताओं ने इस बात का कड़ा विरोध किया और सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोग हाथों में नीले झंडे और बाबासाहेब की तस्वीरें लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते दिखे।

यह पूरा विवाद अस्थि कलश को दूसरी जगह शिफ्ट करने की अफवाहों के बाद शुरू हुआ। इस मामले में आजाद समाज पार्टी के नेतृत्व में चंद्रशेखर आजाद ने भी विरोध जताया था और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। डॉ. बी.आर. अंबेडकर के पोते यशवंतराव अंबेडकर ने भी किसी भी तरह के विस्थापन के खिलाफ अपनी बात रखी थी।

हालांकि, इस हंगामे के बीच आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर महासभा के महासचिव अमरनाथ प्रजापति ने 29 जून को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। उन्होंने साफ कहा कि महासभा परिसर में रखे पवित्र अस्थि कलश को कहीं और ले जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और यह वहीं यथावत रहेगा।

उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया। विभाग ने ‘एक्स’ (ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि अस्थि कलश को विस्थापित नहीं किया जा रहा है। विभाग के अपर मुख्य सचिव ने भी इस बात की पुष्टि की है कि विस्थापन की खबरें सही नहीं हैं।