Lucknow में सड़क हादसों में 3 की मौत, 2 की हालत गंभीर; तेज रफ्तार और लापरवाही पड़ी भारी
Lucknow: राजधानी लखनऊ में पिछले 24 घंटों के भीतर हुए तीन अलग-अलग सड़क हादसों ने शहर की रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन हादसों में तीन लोगों की जान चली गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम
Lucknow: राजधानी लखनऊ में पिछले 24 घंटों के भीतर हुए तीन अलग-अलग सड़क हादसों ने शहर की रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन हादसों में तीन लोगों की जान चली गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पहला हादसा Mahanagar इलाके में हुआ जहां एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल डिवाइडर से टकरा गई। इस दुर्घटना में बिहार के रक्सौल निवासी 21 वर्षीय Ashutosh Gupta की मौत हो गई, जो यहां एक कॉल सेंटर में काम करते थे। उनके साथ मौजूद भाई Ayush का हाथ टूट गया और दोस्त Atul की हालत गंभीर बनी हुई है।
दूसरा हादसा Sairpur के छठामिल के पास हुआ। यहां एक अज्ञात वाहन ने Ranjit नाम के मजदूर को टक्कर मार दी। Ranjit बख्शी का तालाब के चंद्र कोडर के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था, जिससे सिर में गंभीर चोट आई और उनकी मौत हो गई। वहीं तीसरा हादसा Jankipuram के तिवारी पुलिया के पास हुआ, जहां साइकिल से जा रहे 62 वर्षीय boring mechanic Radhelal Yadav को एक अज्ञात वाहन ने कुचल दिया। वह अपने दोस्त से मिलने जा रहे थे।
इन घटनाओं के बीच उत्तर प्रदेश सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपना रही है। 22 जून 2026 को सरकार ने आदेश दिया है कि जो वाहन बार-बार हादसों में शामिल पाए जाएंगे, उनका रजिस्ट्रेशन रद्द कर उन्हें स्क्रैप कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने ओवरस्पीडिंग, स्टंट ड्राइविंग और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
परिवहन विभाग ने हाल ही में एक हफ्ते के भीतर 57,000 से ज्यादा चालान काटे हैं, जिनमें बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट के गाड़ी चलाने वाले मुख्य थे। सरकार का लक्ष्य ‘ब्लैक स्पॉट्स’ यानी दुर्घटना संभावित इलाकों की पहचान कर उन्हें ठीक करना है ताकि भविष्य में ऐसी मौतों को रोका जा सके।