Lucknow में रिटायर्ड रेलकर्मी के खाते से ₹1.02 लाख की ठगी, मोबाइल नंबर हैक कर उड़ाए पैसे

Lucknow: राजधानी के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड रेलकर्मी को अपना निशाना बनाया है। जालसाजों ने पीड़ित का मोबाइल नंबर हैक किया और उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1,02,699 रुपये निकाल लिए। यह घटन

Lucknow: राजधानी के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड रेलकर्मी को अपना निशाना बनाया है। जालसाजों ने पीड़ित का मोबाइल नंबर हैक किया और उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1,02,699 रुपये निकाल लिए। यह घटना इस बात की चेतावनी है कि ठग अब तकनीकी तरीकों से लोगों की जमा पूंजी पर हाथ साफ कर रहे हैं।

इस मामले के बीच डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने के लिए RBI और केंद्र सरकार ने कुछ नए नियम लागू किए हैं, जो ऐसे पीड़ितों के काम आ सकते हैं। RBI ने 25 जून 2026 को मुआवजे के नियमों में बदलाव किया है, ताकि बैंकिंग सिस्टम की कमजोरी की वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सके।

RBI के नए मुआवजे नियम और सहायता

  • अगर पीड़ित ने धोखाधड़ी की जानकारी तुरंत दी है, तो बैंकिंग सिस्टम की कमी के कारण हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी।
  • 50,000 रुपये तक की ठगी के मामले में, ग्राहक को उनके कुल नुकसान का 85% या अधिकतम 25,000 रुपये (जो भी कम हो) मिल सकते हैं। यह सुविधा जीवन में एक बार मिलती है।
  • यदि ठगी 29,412 रुपये से कम है और इसकी रिपोर्ट 5 दिनों के भीतर बैंक को दी जाती है, तो 85% राशि वापस मिल सकती है।
  • अगर गलती पूरी तरह बैंक की है और ग्राहक की कोई गलती नहीं है, तो 5 दिनों के भीतर रिपोर्ट करने पर ‘Zero Liability’ के तहत पूरा पैसा वापस मिल सकता है।

इसके अलावा, केंद्र सरकार ने देशभर में e-Zero FIR सिस्टम लागू किया है। अब साइबर अपराध के शिकार लोग किसी भी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा सकते हैं, चाहे अपराध कहीं भी हुआ हो। इसे बाद में संबंधित एजेंसी को डिजिटल तरीके से ट्रांसफर कर दिया जाएगा। 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा की धोखाधड़ी के मामलों में इसे ऑटोमैटिक e-Zero FIR में बदला जा सकता है।

बचाव के लिए जरूरी बातें

साइबर एक्सपर्ट्स और अधिकारियों ने सलाह दी है कि अपना OTP, पिन, पासवर्ड या कार्ड की जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करें। अगर आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।