Lucknow में सीट न मिलने पर ट्रेन में बम की फैलाई अफवाह, यात्रियों में मची भगदड़, आरोपी गिरफ्तार
Lucknow: राजधानी लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया जब राप्तीसागर एक्सप्रेस में बम होने की खबर फैली। इस अफवाह की वजह से ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई और लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे।
Lucknow: राजधानी लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया जब राप्तीसागर एक्सप्रेस में बम होने की खबर फैली। इस अफवाह की वजह से ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई और लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। बाद में जांच में पता चला कि यह पूरी खबर झूठी थी और एक यात्री ने सिर्फ अपनी सीट पक्की करने के लिए यह खतरनाक खेल खेला था।
घटना 17 जून 2026 की सुबह की है। तिरुवनंतपुरम से गोरखपुर जा रही राप्तीसागर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12512) जब ऐशबाग स्टेशन से गुजर रही थी, तब अमौसी आउटर पर फोन करके बम होने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस, आरपीएफ, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा बलों ने पूरी ट्रेन की गहन तलाशी ली, लेकिन कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इस पूरी प्रक्रिया के कारण ट्रेन करीब 1 से 1.5 घंटे की देरी से रवाना हुई।
जीआरपी इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान जैकी साहनी (26 वर्ष) के रूप में हुई है। वह तेलंगाना के विमलवाड़ा का मूल निवासी है और देवरिया के इकौना इलाके का रहने वाला है। जैकी के पास सीट नंबर दो का कन्फर्म टिकट था, लेकिन वह अपने और अपने साथी एकलव्य के लिए और बेहतर व्यवस्था या सीट पाने के लालच में यह अफवाह फैला बैठा। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आरोपी का नाम | जैकी साहनी |
| उम्र | 26 वर्ष |
| ट्रेन का नाम और नंबर | राप्तीसागर एक्सप्रेस (12512) |
| घटना का स्थान | ऐशबाग रेलवे स्टेशन, लखनऊ |
| अफवाह का कारण | ट्रेन में सीट पाने के लिए |
| कार्रवाई | हिरासत में लिया गया, कानूनी कार्रवाई जारी |
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि सार्वजनिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करना एक गंभीर अपराध है। आरोपी के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 145(बी) और 154 के साथ-साथ आईपीसी की धारा 177 और आईटी एक्ट की धारा 66(एफ) के तहत मामला दर्ज किया गया है। रेलवे अधिनियम के तहत ऐसी लापरवाही पर एक साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया या किसी भी माध्यम से अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।